लोकसभा चुनाव होने में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। सभी दलों ने इस चुनावी महामुकाबले के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्ताधारी दल बीजेपी ने अपने चुनाव को लेकर अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में मध्यप्रदेश में बाकी बची पांच सीटों पर भी अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि पहली सूची में बीजेपी ने एमपी की 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा के रण की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। कांग्रेस ने यहां से वर्तमान सांसद नकुलनाथ पर भरोसा जताते हुए फिर मैदान में उतारा है। जबकि बुधवार को जारी सूची में भाजपा ने विवेक बंटी साहू पर दांव लगाया है।
बंटी पर तीसरी बार दांव खेला
भाजपा ने बंटी पर यह तीसरी बार दांव खेला है। इससे पहले लगातार दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके हैं। दोनों बार वे कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से भिड़े। सूची जारी होते ही अब भावी मुकाबले पर चर्चाएं शुरू हो गई है। गौरतलब है कि इस बार भाजपा से टिकट की आस रखने वालों की लंबी कतार थी। युवा, महिला व सीनियर सभी तरह के दावेदार चर्चाओं में थे। टिकट पर बाजी फिर बंटी ने मार ली। विवेक बंटी साहू कांग्रेस से भाजपा में आए। युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रहे। वर्तमान में भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं। वर्ष 2019 के विधानसभा उपचुनाव में तत्कालीन सीएम कमलनाथ के विरूद्ध चुनाव लड़ा और 25 हजार वोटों के अंतर से हारे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में फिर भाजपा ने उन्हें कमलनाथ के सामने उतारा। इस बार करीब 37 हजार वोटों के अंतर से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
कैंडिडेट क्राइसेस का सामना करना पड़ा
कांग्रेस के गढ़ छिंदवाड़ा में भाजपा को हमेशा से ही कैंडिडेट क्राइसेस का सामना करना पड़ा है। इसका पूरा फायदा विवेक बंटी साहू को उनकी सक्रियता के आधार पर मिला है। लगातार दो बार विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। इसकी वजह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से उनकी नजदीकी को माना जा रहा है। पार्टी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद से बंटी जिले में सक्रिय हैं, अपने हिसाब से संगठन खड़ा किया। विधानसभा में सातों सीट पर हारे प्रत्याशियों की टीम भी उनके साथ है।
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