छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियुक्त डॉ. ममता साहू ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में उन्होंने विधिवत कार्यभार संभाला। इस अवसर पर आयोग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
महिलाओं के अधिकारों की रक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. ममता साहू ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, त्वरित न्याय और उनके सशक्तिकरण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि आयोग प्रदेश की महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा।
अधिकारियों के साथ बैठक कर जानी कार्यप्रणाली
कार्यभार संभालने के तुरंत बाद डॉ. साहू ने आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर रहेगा जोर
अपने संबोधन में डॉ. ममता साहू ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निराकरण के लिए आयोग पूरी जवाबदेही के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सभी मामलों की गंभीरता से सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
पदभार ग्रहण समारोह में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया समेत रायपुर नगर निगम के कई पार्षद और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. ममता साहू को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यालयीन व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
कार्यभार संभालने के बाद डॉ. साहू ने आयोग के विभिन्न विभागों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए कार्य प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
लंबित मामलों की होगी समीक्षा
डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में अब राज्य महिला आयोग महिलाओं से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करेगा। आयोग द्वारा पुराने प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को गति देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
आयोग की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद
नई अध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने के बाद आयोग के कार्यक्षेत्र और सक्रियता में विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश की पीड़ित महिलाओं को राहत मिलेगी और उन्हें न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं सुगम हो सकेगी।