भोपाल: मध्यप्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनने का सपना देख रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (National Medical Commission-NMC) ने प्रदेश के दो प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अब अधिक छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा और प्रदेश में भविष्य के डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी।
एनएमसी की मंजूरी के अनुसार गजरा राजा चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर में एमबीबीएस सीटों की संख्या 200 से बढ़ाकर 250 कर दी गई है। वहीं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम में सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से दोनों संस्थानों में कुल 70 नई MBBS सीटें बढ़ गई हैं, जिससे मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जताई खुशी
मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में स्वास्थ्य अधोसंरचना और चिकित्सा शिक्षा का तेजी से विस्तार हो रहा है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मेडिकल सीटों में लगातार वृद्धि इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना समय की आवश्यकता है। मेडिकल सीटों में वृद्धि से आने वाले वर्षों में प्रदेश को अधिक योग्य चिकित्सक मिलेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।
आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा विस्तार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना, डिजिटल हेल्थ मिशन, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना जैसी योजनाओं ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती दी है। इन पहलों के कारण चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार नए अवसर पैदा हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने से प्रदेश के उन छात्रों को भी फायदा मिलेगा, जो हर वर्ष सीमित सीटों के कारण प्रवेश से वंचित रह जाते थे।
छात्रों को मिलेगा अधिक अवसर
ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में अब हर वर्ष 250 विद्यार्थियों को एमबीबीएस में प्रवेश मिलेगा, जबकि रतलाम मेडिकल कॉलेज में 200 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इससे मध्य प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों के पात्र विद्यार्थियों को भी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने से छात्रों को निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मेडिकल शिक्षा का विस्तार केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अधिक डॉक्टर तैयार होने से भविष्य में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे आम नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है और मेडिकल शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की टीम को दी बधाई
उप मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए गजरा राजा चिकित्सा महाविद्यालय, ग्वालियर और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम के अधिष्ठाताओं, फैकल्टी, चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों और बेहतर तैयारी के कारण यह सफलता मिली है।
सरकार की प्राथमिकता में स्वास्थ्य और शिक्षा
राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों की अधोसंरचना का विकास, फैकल्टी की उपलब्धता, अस्पतालों का उन्नयन और मेडिकल सीटों में निरंतर वृद्धि सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप एक मजबूत और आधुनिक स्वास्थ्य तंत्र विकसित करने में सफल होगा। वहीं, मेडिकल शिक्षा का विस्तार प्रदेश के हजारों युवाओं के डॉक्टर बनने के सपने को भी नई उड़ान देगा।