भोपाल। मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति को लेकर सरकार ने एक और बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नशा मुक्ति संबंधी जागरूकता सामग्री तथा गृह विभाग के अभियान पोस्टर का विमोचन किया। कार्यक्रम में नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने वाली एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभिनय किया है।सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नशा मुक्ति के लिए हमारी सरकार कठोर से कठोर कदम उठाएगी। नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो समाज के सामने नजीर बन जाए।
नशा समाज और परिवार दोनों को करता है बर्बाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि दैनिक जीवन में हम अनेक कार्य करते हैं, लेकिन सबसे बड़ा आनंद वही कार्य देता है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए। उन्होंने इस अभियान के लिए पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नशा मुक्त भारत का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और मध्य प्रदेश भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहा है।उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। इसलिए सरकार पुलिस, प्रशासन और समाज के सहयोग से इस बुराई के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।
नक्सलवाद से मिली सफलता का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में अपराध, डकैतों और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियां थीं। लेकिन सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों से मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तय लक्ष्य के अनुरूप मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
पड़ोसी राज्यों के साथ भी किया जा रहा समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ भी समन्वय स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग संगठित गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है और आगे भी इस अभियान को और तेज किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में पदोन्नति के रास्ते खुलने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है और सरकार हर स्तर पर पुलिस बल के साथ मजबूती से खड़ी है।
स्कूल-कॉलेजों में चलेंगे जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में मध्य प्रदेश पुलिस स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। हेल्पलाइन, काउंसलिंग और पुनर्वास जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूल और कॉलेजों में नशा मुक्ति से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं, ताकि युवाओं में शुरुआत से ही जागरूकता विकसित की जा सके। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित नागरिकों को नशा मुक्त मध्य प्रदेश बनाने की शपथ भी दिलाई।
15 से 30 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि स्कूलों, कॉलेजों और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।वहीं विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक पूरे मध्य प्रदेश में संचालित किया जाएगा। इस दौरान एमडी समेत अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।