छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में वेदांता प्लांट हादसे, रायपुर की पेयजल व्यवस्था, अमृत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए कड़े सवाल पूछे। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया और बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया। सत्र के दौरान अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वहीं कांग्रेस ने ऐलान किया कि वह विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी, जिससे आगामी दिनों में विधानसभा का राजनीतिक माहौल और गर्म रहने की संभावना है।
वेदांता प्लांट हादसे पर सरकार से मांगा जवाब
प्रश्नकाल के दौरान सक्ती जिले के वेदांता प्लांट हादसे का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कांग्रेस विधायकों ने-
हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
उद्योगपति अनिल अग्रवाल को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने सदन में विरोध दर्ज कराया और बाद में वॉकआउट कर दिया।
रायपुर की पेयजल व्यवस्था पर भी घिरी सरकार
विपक्ष ने राजधानी रायपुर में पेयजल आपूर्ति को लेकर भी सरकार को घेरा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि-
कई इलाकों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही।
अमृत मिशन और जल जीवन मिशन की कई परियोजनाएं अधूरी हैं।
टंकियां बनने के बावजूद टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
अवैध नल कनेक्शन और 24 घंटे जलापूर्ति के दावों पर सवाल खड़े किए।
सरकार ने क्या दिया जवाब?
उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि-
अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
पेयजल व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अविश्वास प्रस्ताव पर गरमाई सियासत
सत्र के दौरान कांग्रेस के प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी सदन का माहौल गर्म रहा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव भी दे रहे हैं और प्रश्न भी पूछ रहे हैं। इस पर डॉ. महंत ने जवाब देते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के कारणों पर भी चर्चा होनी चाहिए। दोनों नेताओं के बीच हुई इस नोकझोंक से सदन में कुछ समय तक राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।
आज पेश होगा अविश्वास प्रस्ताव
कांग्रेस ने विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। मुख्य बातें-
राज्य गठन के बाद यह विधानसभा का 10वां अविश्वास प्रस्ताव होगा।
इससे पहले लाए गए सभी नौ अविश्वास प्रस्तावों में सरकारें बहुमत साबित करने में सफल रही हैं।
विधानसभा अध्यक्ष आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद चर्चा की तारीख तय करेंगे।
आगे क्या होगा?
अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष चर्चा की तिथि निर्धारित करेंगे। इसके बाद-
सत्ता पक्ष अपना पक्ष रखेगा।
विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा।
सदन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन राजनीतिक टकराव और हंगामे के नाम रहा। वेदांता प्लांट हादसे, रायपुर के जल संकट और विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवालों की बौछार की, जबकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया। अब अविश्वास प्रस्ताव के साथ आने वाले दिनों में विधानसभा का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म रहने की संभावना है।