नई दिल्ली - भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वनडे क्रिकेट को 50 ओवर से घटाकर 40 ओवर करने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने कहा कि वनडे क्रिकेट का मौजूदा स्वरूप बरकरार रहना चाहिए और इसकी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए दूसरे उपाय तलाशने चाहिए। हाल ही में एडिनबर्ग में हुई आईसीसी की वार्षिक बैठक के दौरान 40 ओवर के वनडे प्रारूप पर चर्चा हुई थी, लेकिन गिल इस बदलाव के पक्ष में नहीं हैं।
ट्राई सीरीज और चार देशों की सीरीज पर दिया जोर
शुभमन गिल का मानना है कि वनडे क्रिकेट को फिर से रोमांचक बनाने के लिए त्रिकोणीय (Tri-Series) और चार देशों की सीरीज दोबारा शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि, मुझे नहीं लगता कि वनडे को 40 ओवर का किया जाना चाहिए। अगर इस फॉर्मेट में दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ानी है तो ट्राई सीरीज और चार देशों की सीरीज जैसे टूर्नामेंट फिर से आयोजित किए जाने चाहिए। गौरतलब है कि 2000 के दशक के मध्य तक ऐसी सीरीज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नियमित हिस्सा हुआ करती थीं।
टी20 क्रिकेट के दौर में वनडे पर बढ़ा दबाव
टी20 क्रिकेट और दुनिया भर में खेली जा रही फ्रेंचाइजी लीगों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित समय और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण वनडे प्रारूप अपनी पहचान बचाने की चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे समय में गिल का मानना है कि फॉर्मेट बदलने के बजाय प्रतियोगिताओं को अधिक आकर्षक बनाया जाना चाहिए।
2027 विश्व कप की तैयारियों पर भी दिया जोर
शुभमन गिल ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर भी अपनी रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की पूरी तैयारी दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर की जा रही है। गिल ने कहा कि, 2027 विश्व कप की तैयारी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हमारी कोशिश है कि जिन परिस्थितियों और पिचों पर हमें दक्षिण अफ्रीका में खेलना होगा, वैसी ही परिस्थितियों में अभी से अधिक से अधिक क्रिकेट खेला जाए। भारतीय कप्तान का मानना है कि मजबूत वनडे ढांचा और नियमित प्रतिस्पर्धी सीरीज ही इस प्रारूप को नई ऊर्जा दे सकती हैं।