जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्र शासित प्रदेश बने लद्दाख में प्रशासनिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने फैसला किया है कि लद्दाख के सभी सात जिलों में अलग-अलग हिल डेवलपमेंट काउंसिल (Hill Development Council) का गठन किया जाएगा।
इसके साथ ही सातों हिल काउंसिल के ऊपर एक यूटी लेवल बॉडी बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित संस्था को अनुच्छेद 371 की तर्ज पर विशेष अधिकार देने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद लद्दाख में आया बड़ा बदलाव
साल 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। इससे पहले लद्दाख जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा था और यहां केवल लेह और कारगिल दो जिले थे। इन दोनों जिलों में पहले से ही लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (LAHDC) काम कर रही थी। अब नए प्रशासनिक विस्तार के बाद सभी जिलों में स्थानीय भागीदारी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
लद्दाख में बनाए गए पांच नए जिले
प्रशासन ने अप्रैल 2026 में लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दी थी। इनमें शामिल हैं:
- शाम
- नुब्रा
- चांगथांग
- जांस्कर
- द्रास
इन नए जिलों के बनने के बाद लद्दाख में कुल जिलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। प्रशासन का मानना है कि नए जिलों में स्थानीय स्तर पर फैसले लेने की व्यवस्था मजबूत होगी और विकास कार्यों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
सातों जिलों में अलग-अलग हिल काउंसिल बनाने का फैसला
लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा कि सभी जिलों में हिल डेवलपमेंट काउंसिल का गठन क्षेत्र में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और संतुलित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि LAHDC अधिनियम की धारा 3(1) के तहत प्रत्येक जिले में परिषद बनाने का प्रावधान पहले से मौजूद है। अब इसके लिए जरूरी कानूनी संशोधन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
नई परिषदों के गठन से पहले पूरी होंगी ये प्रक्रियाएं
नई हिल काउंसिल के गठन के लिए प्रशासन को कुछ महत्वपूर्ण चरण पूरे करने होंगे:
- कानूनी संशोधन की प्रक्रिया
- निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन
- अधिसूचना जारी करना
- चुनाव प्रक्रिया शुरू करना
इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद सातों जिलों में नई परिषदों के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।
यूटी लेवल बॉडी से बढ़ेगी लद्दाख की आवाज
प्रस्तावित यूटी स्तर की संस्था का उद्देश्य सभी हिल काउंसिल के बीच बेहतर तालमेल बनाना और लद्दाख के विकास से जुड़े बड़े मुद्दों पर एक साझा मंच तैयार करना है। अगर इसे विशेष अधिकार मिलते हैं तो यह संस्था स्थानीय संस्कृति, जमीन, संसाधनों और विकास योजनाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
लद्दाख भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में प्रशासन का फोकस स्थानीय लोगों को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने और दूरदराज के इलाकों तक विकास योजनाओं को पहुंचाने पर है। नई हिल काउंसिल व्यवस्था से उम्मीद है कि जिले स्तर पर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को गति मिलेगी।