लखनऊ - उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। राजभर ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दलितों और पिछड़े वर्गों के साथ हुए कथित अत्याचारों का मुद्दा उठाया। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।
"दलितों-पिछड़ों पर ढाए गए जुल्म नहीं भूले"
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सपा शासन के दौरान पिछड़े और दलित समाज के लोगों पर हुए अत्याचारों को कोई नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा, "हम पिछड़ों-दलितों पर आप लोगों ने क्या-क्या जुल्म ढाए थे, हमें सब याद है।" राजभर ने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता के संरक्षण में गुंडागर्दी और दबंगई का माहौल था, जिससे आम जनता परेशान रहती थी।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
राजभर ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल की कानून-व्यवस्था को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों को देखकर उन्हें सपा सरकार के पूरे कार्यकाल की याद आ गई। उनके अनुसार, उस दौर में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ था और आम लोगों को न्याय मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।उन्होंने लिखा, "अखिलेश जी, आपके लोगों की गुंडई देखकर मुझे आपके पूरे शासनकाल की सपाई गुंडागर्दी याद आ गई।" राजभर ने दावा किया कि प्रदेश की जनता उस दौर को भूली नहीं है और आज भी उसे याद करती है।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई बयानबाजी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। एनडीए के सहयोगी दल सुभासपा के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमलावर हैं। इससे पहले भी उन्होंने अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण की राजनीति, कार्यकर्ताओं से कथित वसूली और चुनावी हार को लेकर कई बयान दिए थे।
सियासी माहौल गरमाने की संभावना
राजभर के इस ताजा बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तेज होगी। फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनके इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।