लॉर्ड्स - लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ शानदार टेस्ट जीत दर्ज करने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर बेहद भावुक नजर आईं। भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर इतिहास रच दिया। मैच के बाद हरमनप्रीत ने टीम के प्रदर्शन, सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की खुलकर तारीफ की और कहा कि इस जीत जैसी कहानी भगवान से बेहतर कोई नहीं लिख सकता।
"भगवान सबसे अच्छी स्क्रिप्ट लिखते हैं"
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब हरमनप्रीत से पूछा गया कि क्या वह इससे बेहतर स्क्रिप्ट की कल्पना कर सकती थीं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,"बिल्कुल नहीं। भगवान बेहतर स्क्रिप्ट लिखते हैं। उन्होंने इसे बहुत खूबसूरती से लिखा है।" उनके इस बयान ने जीत की खुशी और भावनाओं को और खास बना दिया।
स्मृति और शेफाली को बताया टीम की सबसे बड़ी ताकत
भारतीय कप्तान ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों ओपनर लगातार टीम को मजबूत शुरुआत देती हैं और बाकी बल्लेबाजों पर से दबाव कम कर देती हैं। हरमनप्रीत ने कहा, "हमारे ओपनर्स हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। जिस तरह उन्होंने इस टेस्ट मैच में बल्लेबाजी की, वह शानदार था। वे अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाती हैं और पूरी टीम को आत्मविश्वास देती हैं।"
क्रांति गौड़ और यास्तिका भाटिया रहीं जीत की नायिका
इस ऐतिहासिक जीत में युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया का अहम योगदान रहा। पहली पारी में क्रांति ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके, जिससे इंग्लैंड की पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई और भारत को महत्वपूर्ण बढ़त मिली। दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया ने बेहतरीन शतक जड़कर इंग्लैंड के सामने विशाल लक्ष्य खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई।
सपोर्ट स्टाफ को दिया जीत का श्रेय
हरमनप्रीत ने कहा कि भारतीय महिला टीम को टेस्ट मैच खेलने के बहुत कम अवसर मिलते हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने इसका श्रेय सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा, "हमारे सपोर्ट स्टाफ ने हमेशा हमें सही दिशा दिखाई। उनमें कई लोग टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं और उन्हें इस प्रारूप की अच्छी समझ है। पिछली कुछ सीरीज हमारे लिए अच्छी नहीं रहीं, लेकिन अमोल सर और पूरे सपोर्ट स्टाफ ने टीम को एकजुट रखा।"
लॉर्ड्स में पहली बार भारत-इंग्लैंड महिला टेस्ट
यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। पहली बार भारत और इंग्लैंड की महिला टीमें लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर टेस्ट मैच खेलने उतरीं। भारतीय टीम ने इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाते हुए 270 रन की बड़ी जीत दर्ज की और महिला टेस्ट क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ दिया।