भोपाल स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कारोबारियों, आंगनबाड़ी व्यवस्था, पंचायतों और किसानों से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में GST अपीलीय बोर्ड के गठन, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्रक्रिया में सरलीकरण, टेक होम राशन वितरण व्यवस्था में बदलाव और कई योजनाओं की अवधि बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अलावा सरकार ने 18 जुलाई को जगदीशपुर (पूर्व नाम इस्लाम नगर) में विशेष कैबिनेट बैठक बुलाने का फैसला किया है, जहां समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद प्रस्तावित विधेयक को 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले विधानसभा मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
GST कारोबारियों को क्या राहत मिलेगी?
कैबिनेट ने जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों के आधार पर दो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
GST अपीलीय बोर्ड का गठन
अब जीएसटी से जुड़े विवादों में अपील के लिए अलग GST अपीलीय बोर्ड बनाया जाएगा। इससे-
विवादों का बेहतर निपटारा होगा।
कारोबारियों को अतिरिक्त अपील का अवसर मिलेगा।
निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में राहत
सरकार ने ITC प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला लिया है।
इसके तहत-
दस्तावेजी प्रक्रिया आसान होगी।
निर्यातकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट की लगभग 90% राशि जल्द मिल सकेगी।
MSME सेक्टर की लिक्विडिटी बेहतर होने की उम्मीद है।
टेक होम राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने आंगनबाड़ी में 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन (THR) की व्यवस्था बदल दी है।
अब-
पूरी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग संभालेगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की भूमिका समाप्त होगी।
चयनित स्वयं सहायता समूह राशन तैयार कर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाएंगे।
बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
सरकार के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में-
गुणवत्ता को लेकर शिकायतें।
वितरण में देरी।
आर्थिक अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। नई नीति के तहत गुणवत्ता मानकों के अनुसार राशन तैयार कर वितरण किया जाएगा।
UCC पर क्या तैयारी है?
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि-
UCC समिति अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप चुकी है।
18 जुलाई को जगदीशपुर में विशेष कैबिनेट बैठक होगी।
कैबिनेट मसौदे को मंजूरी दे सकती है।
इसके बाद विधानसभा मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों से कहा कि-
विधानसभा सत्र की पूरी तैयारी रखें।
हर प्रश्न का तथ्यात्मक उत्तर दें।
सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की सही जानकारी सदन में रखें।
'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' हुआ लॉन्च
कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने-
पंचायत ऑडिट के लिए 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म'
पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा का शुभारंभ किया। सरकार का दावा है कि इससे पंचायतों की वित्तीय निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
किसानों और योजनाओं से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने-
समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द खरीदी के लिए बैंक गारंटी व्यवस्था जारी रखने का फैसला लिया।
कई विभागों की योजनाओं की अवधि वर्ष 2031 तक बढ़ाने को मंजूरी दी।
सिंचाई परियोजनाओं को भी निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया।
'युवा वर्ष 2027' की तैयारी
सरकार ने 'युवा वर्ष 2027' की तैयारियां शुरू करने का भी फैसला लिया है। इसके तहत-
दिसंबर 2026 तक युवाओं से सुझाव लिए जाएंगे।
सुझावों के आधार पर नई योजनाएं तैयार होंगी।
युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम और नीतियां लागू की जाएंगी।
प्रदेश में चलेगा पौधरोपण अभियान
कैबिनेट में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। मुख्य बिंदु-
पूरे प्रदेश में पौधरोपण अभियान।
इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य।
हाल ही में 1 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश कैबिनेट की इस बैठक में कारोबारियों, महिलाओं, बच्चों, किसानों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। GST अपीलीय बोर्ड का गठन, ITC प्रक्रिया में सरलीकरण और टेक होम राशन व्यवस्था में बदलाव जैसे निर्णय प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। वहीं 18 जुलाई को प्रस्तावित विशेष कैबिनेट बैठक में UCC मसौदे पर होने वाला फैसला भी राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।