कोलकाता: कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने शहर के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल सरकार के शहरी विकास एवं नगर मामलों के विभाग के निर्देश पर नगर निगम ने 144 वार्डों को बढ़ाकर 200 वार्ड करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसके लिए केंद्रीय परिसीमन समिति (सीडीसी) का गठन किया गया है।

10 सदस्यीय केंद्रीय परिसीमन समिति का गठन
नगर निगम द्वारा जारी कार्यालय आदेश संख्या 23/2026-27 के अनुसार, विशेष नगर आयुक्त श्री सौम्य भट्टाचार्य की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय केंद्रीय परिसीमन समिति का गठन किया गया है। समिति में नगर निगम के विधि, राजस्व, सिविल, सतर्कता और सर्वेक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। मुख्य मूल्यांकन एवं सर्वेक्षण अधिकारी श्री नितीश चंद्र बसाक को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।
144 से बढ़कर होंगे 200 वार्ड
कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 601 के तहत अनुसूची-II में संशोधन करते हुए वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके तहत मौजूदा वार्ड सीमाओं की समीक्षा कर नई सीमाएं तय की जाएंगी, जिससे बढ़ती आबादी और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार वार्डों का पुनर्गठन किया जा सके।
समिति की प्रमुख जिम्मेदारियां
केंद्रीय परिसीमन समिति वार्ड सीमाओं की जांच करेगी, नए वार्डों के गठन का प्रस्ताव तैयार करेगी तथा बोरो परिसीमन समितियों (बीडीसी) के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे परिसीमन कार्य की निगरानी करेगी। आवश्यकता पड़ने पर बीडीसी सदस्यों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष जरूरत पड़ने पर जिला निर्वाचन अधिकारियों और दक्षिण 24 परगना के जिला प्रशासन के अधिकारियों को आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल कर सकेंगे।
नोडल अधिकारी करेंगे पूरी प्रक्रिया का समन्वय
मुख्य मूल्यांकन एवं सर्वेक्षण अधिकारी को परिसीमन प्रक्रिया का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा, जो वार्ड मानचित्र तैयार करने, अभिलेखों का रखरखाव, रिपोर्ट संकलन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का कार्य करेगा।
27 जुलाई तक देनी होगी रिपोर्ट
कार्यालय आदेश के अनुसार, केंद्रीय परिसीमन समिति को अपनी सिफारिशें 27 जुलाई 2026 तक प्रशासक एवं नगर आयुक्त को सौंपनी होंगी। इसके बाद प्रस्तावित संशोधन का परीक्षण कर अनुसूची-II में संशोधन के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।