Twisha Sharma Case Updates: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। भोपाल जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत को बताया कि मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह ने अब तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने वॉयस सैंपल उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसके बाद CBI ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 28 जुलाई 2026 तक हिरासत बढ़ा दी। इसी बीच मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। भोपाल AIIMS ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उससे जुड़े दस्तावेज पहले ही CBI को सौंपे जा चुके हैं, इसलिए रिपोर्ट की अलग प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। वहीं, दिल्ली AIIMS की फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आए वैज्ञानिक साक्ष्यों ने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच को नई दिशा दे दी है।
अदालत में CBI ने क्या बताया?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई में CBI ने अदालत को बताया कि 6 जुलाई को उसकी टीम भोपाल केंद्रीय जेल पहुंची थी, जहां दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की गई। जांच एजेंसी के अनुसार अदालत से अनुमति मिलने के बावजूद दोनों आरोपियों ने प्रक्रिया में पूरा सहयोग नहीं किया।
CBI के मुताबिक-
समर्थ सिंह ने वॉयस सैंपल देने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया।
गिरिबाला सिंह ने एक बार वॉयस सैंपल दिया, लेकिन दोबारा सैंपल देने से मना कर दिया।
शुरुआती रिकॉर्डिंग के दौरान उनकी आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पाया गया, जिसके बाद दोबारा सैंपल की आवश्यकता बताई गई।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए CBI ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
वॉयस सैंपल इस केस में क्यों अहम है?
जांच एजेंसियां कई मामलों में ऑडियो रिकॉर्डिंग, फोन कॉल या अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि के लिए वॉयस सैंपल का उपयोग करती हैं। यदि किसी ऑडियो रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया जाता है, तो उसकी वैज्ञानिक जांच के लिए संबंधित व्यक्ति के वॉयस सैंपल की आवश्यकता पड़ सकती है। इसी कारण CBI इस मामले में दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल जुटाने का प्रयास कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर नया विवाद
ट्विशा शर्मा की मौत को दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन परिजनों का कहना है कि अभी तक उन्हें डेथ सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सका है। परिवार का आरोप है कि भोपाल नगर निगम ने दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी हैं, जबकि संबंधित दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए।
इस बीच भोपाल AIIMS ने अदालत को बताया कि-
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले ही CBI को सौंप दी गई है।
अस्पताल अलग से रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराएगा।
दिल्ली AIIMS की ओर से इस संबंध में अभी जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
इसी मुद्दे को लेकर परिजनों ने अदालत का रुख किया है।
दिल्ली AIIMS की फॉरेंसिक रिपोर्ट से जांच को नया आधार
मामले में हाल ही में दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में यह वैज्ञानिक पुष्टि की गई है कि कथित तौर पर फंदा बनाने में इस्तेमाल की गई जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू, ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले चोट के निशानों से मेल खाते हैं। हालांकि यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जांच एजेंसी को सौंपी गई है और इसकी पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे जांच के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। परिवार के अनुसार शादी एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से तय हुई थी। आरोप है कि 12 मई की रात ट्विशा ने अपनी मां और अन्य परिजनों से फोन पर बातचीत के दौरान ससुराल में प्रताड़ना की जानकारी दी थी। परिजनों का कहना है कि बातचीत के दौरान उन्होंने नौकरी छोड़ने के बाद मानसिक और घरेलू प्रताड़ना का भी जिक्र किया था। करीब दो घंटे बाद परिवार को सूचना मिली कि ट्विशा की फांसी लगने से मौत हो गई है। इसके बाद मायके पक्ष ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया और बाद में जांच CBI को सौंप दी गई।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल जांच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित है-
वॉयस सैंपल की प्रक्रिया पूरी होगी या नहीं।
दिल्ली AIIMS की फॉरेंसिक रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण।
डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों का मिलान।
CBI की आगे की जांच और अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट।
आने वाली सुनवाई में जांच की प्रगति और नए साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय हो सकती है।
निष्कर्ष
ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार नए तथ्यों के साथ आगे बढ़ रही है। वॉयस सैंपल को लेकर आरोपियों का रुख, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर विवाद और दिल्ली AIIMS की फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आए वैज्ञानिक साक्ष्य इस मामले को और संवेदनशील बना रहे हैं। फिलहाल जांच CBI के पास है और अदालत की निगरानी में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।