नई दिल्ली - टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 968 दिन बाद वनडे क्रिकेट में ऐसी वापसी की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए पहले वनडे में बुमराह ने न सिर्फ अपनी घातक गेंदबाजी से इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान किया, बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद यह उनका पहला वनडे मुकाबला था और उन्होंने साबित कर दिया कि लंबे ब्रेक के बावजूद उनकी धार और रफ्तार में कोई कमी नहीं आई है।
150 विकेट पूरे कर बनाया नया रिकॉर्ड
जसप्रीत बुमराह ने इस मुकाबले में अपने वनडे करियर के 150 विकेट पूरे किए। इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए उन्होंने केवल 4605 गेंदें फेंकीं। इसके साथ ही वह भारत की ओर से सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए। उनकी यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और विश्वस्तरीय गेंदबाजी का प्रमाण मानी जा रही है।
हैरी ब्रूक को पहली ही गेंद पर किया शिकार
बुमराह ने अपने स्पेल की शुरुआत ही विकेट के साथ की। पारी के 13.1वें ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक को स्लिप में कैच आउट करा दिया। ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद अतिरिक्त उछाल के साथ बाहर की ओर निकली। ब्रूक गेंद को थर्ड मैन की दिशा में खेलने की कोशिश में बल्ले का बाहरी किनारा दे बैठे और पहली स्लिप में खड़े रोहित शर्मा ने आसान कैच लपक लिया।

इंग्लैंड में बने भारत के सबसे सफल गेंदबाज
इस मुकाबले के साथ बुमराह ने इंग्लैंड की धरती पर भी इतिहास रच दिया। वह अब इंग्लैंड में वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। विदेशी परिस्थितियों में उनकी सफलता एक बार फिर साबित करती है कि वह दुनिया के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल हैं।
टीम इंडिया को मिला बड़ा आत्मविश्वास
बुमराह की वापसी भारतीय टीम के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद वनडे में उनकी मौजूदगी ने गेंदबाजी आक्रमण को नई मजबूती दी। उनके अनुभव और शुरुआती सफलताओं की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को दबाव में रखा और मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाई।
आगे की सीरीज में होंगी बड़ी उम्मीदें
पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन के बाद अब भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि जसप्रीत बुमराह आगामी मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखेंगे। अगर वह इसी तरह गेंदबाजी करते रहे, तो इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने के साथ-साथ 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिए भी भारत को बड़ा आत्मविश्वास मिलेगा।