मध्यप्रदेश की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे हाल के विधानसभा चुनावों में हार से निराश न हों, बल्कि कमर कस लें और लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर ध्यान लगाएं। पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश करते हुए कमलनाथ ने आपातकाल के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार को याद किया, जब इंदिरा गांधी और संजय गांधी जैसे दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा था और कैसे पार्टी ने वापसी की और तीन साल बाद 1980 में लोकसभा में 300 से अधिक सीट हासिल कर प्रभावशाली जीत दर्ज की।
सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीट हासिल कीं, जबकि कांग्रेस ने 66 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘‘ हम यह (विधानसभा) चुनाव हार गए हैं, लेकिन मुझे याद है कि 1977 में भी हम (लोकसभा चुनाव) इससे भी बुरी तरह हारे थे. उस समय इंदिरा गांधी और संजय गांधी जैसे हमारे शीर्ष नेता भी हार गए। ऐसा लग रहा था कि पूरा माहौल कांग्रेस के खिलाफ है, लेकिन हम एकजुट हुए और चुनाव मैदान में उतरे। तीन साल बाद चुनाव हुए और पार्टी ने 300 से ज्यादा सीटें जीतीं और इंदिरा गांधी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई.’’
मध्यप्रदेश की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे हाल के विधानसभा चुनावों में हार से निराश न हों, बल्कि कमर कस लें और लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर ध्यान लगाएं। पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश करते हुए कमलनाथ ने आपातकाल के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार को याद किया, जब इंदिरा गांधी और संजय गांधी जैसे दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा था और कैसे पार्टी ने वापसी की और तीन साल बाद 1980 में लोकसभा में 300 से अधिक सीट हासिल कर प्रभावशाली जीत दर्ज की।
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