सेंटर के प्रमुख उद्देश्य
प्रदेश के सभी नागरिकों को शहरी क्षेत्र से जुड़ी सुविधाएँ जैसे सड़कों, शहरी परिवहन व्यवस्था, पानी की पाइप-लाइन, सार्वजनिक शौचालय इत्यादि की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सकेगी।
नगरीय क्षेत्र के प्रत्येक निकाय के लिये वन सिटी-वन मेप तैयार किया जायेगा। इसके माध्यम से इन्फ्रा-स्ट्रक्चर सुविधाओं की जानकारी सिंगल मेप से प्राप्त की जा सकेंगी और डाटा विश्लेषण के आधार पर नागरिकों के लिये और बेहतर समन्वय के साथ योजनाएँ बनाने, क्रियान्वयन और मॉनीटरिंग में मदद मिलेगी।
शहरी क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं के जियो टैग डाटा का प्रयोग करते हुए प्रदेश स्तर पर मॉनीटरिंग के लिये सिंगल डेशबोर्ड बनाया जायेगा।
शहरी नियोजन और शहरी क्षेत्र में होने वाली निर्माण गतिविधियों पर सेटेलाइट और ड्रोन इमेज के माध्यम से निगरानी रखी जायेगी, जिससे अवैध निर्माण चिन्हित करने में आसानी होगी।
नगरीय क्षेत्र की सभी सम्पत्तियों की जियो लोकेशन और सम्पत्ति आई.डी. के साथ मेप पर चिन्हित करने का कार्य होगा।
वॉटर और सीवरेज परियोजनाओं के क्रियान्वयन से पहले साइट की उपयुक्तता और नागरिकों तक पहुँच जैसी सुविधाओं का बेहतर अध्ययन किया जायेगा।
डाटा एनालिटिक सेंटर, जो जीआईएस आधारित होगा, इसे भोपाल स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास पालिका कार्यालय में स्थापित किया जायेगा।
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