कांग्रेस जिन सिद्धांतों और नीतियों के लिए जानी जाती रही है उनसे कांग्रेस विमुख हो रही है। कांग्रेस पार्टी जनता से विमुख हो रही है। कांग्रेस को जनता से जो रिशता रखना चाहिए वे नहीं हो रख रही है। कांग्रेस ने आजादी में प्रमुख भूमिका अदा की है इसलिए उन्हें अपने उस इतिहास को याद करके काम करना चाहिए" ये बात भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कही है।
आज पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी ने कई दिग्गज समर्थकों के साथ कांग्रेस का साथ छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा- मैं कहना चाहता हूं कि राख के ढेर पर ना शोले हैं ना अंगारे हैं, कुछ तो बात होगी कि हम बेवफ़ा हुए, मुझे अपने जीवन में कभी पद और कद की लालसा नहीं रही, मैं सार्वजनिक तौर पर कह रहा हूं कि अभी मैं बगैर शर्त के यहां आया हूं।
सुरेश पचौरी ने कहा कि, कांग्रेस में अभी जो राजनीतिक और धार्मिक निर्णय हो रहे हैं वे असहज करने वाले हैं। देश की परंपरा रही है कि सेना के शौर्य पर कभी सवालिया निशान नहीं लगाए जाते, लेकिन अब कांग्रेस में ऐसा भी हो रहा है। पार्टी के धार्मिक निर्णय 'उद्वेलित' करने वाले हैं। भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आयोजन के निमंत्रण पर एक अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए उसे ठुकराना शब्द का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने राम चरित मानस की एक चौपाई का संदर्भ देते हुए कहा कि कोई कितना भी प्रिय क्यों ना हो, अगर राम जी का विरोध करे तो उसे छोड़ दो। उन्होंने ये भी दावा किया कि वे बिना किसी शर्त के भाजपा में आए हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई पदलिप्सा कभी नहीं रही।
भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा कि, कांग्रेस जिन सिद्धांतों और नीतियों के लिए जानी जाती रही है।
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