मध्यप्रदेश के ग्वालियर में इन दिनों डेंगू लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। आए दिन डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं, आज ढाई साल के बच्चे सहित 20 नए डेंगू के मरीज सामने आए हैं। बता दें कि 76 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच हुई थी, जिसमें 20 लोगों की पुष्टि हुई। वहीं, अब जिले में डेंगू का आंकड़ा 247 पहुंच गया है। बता दें की शहर में बिगड़ रही डेंगू के हालातों को ध्यान में रखते हुए बीते दिनों से लगातार शहरभर में जिला मलेरिया विभाग की टीम एंटी लार्वा सर्वे करने की पहुंच रही है और साथ ही नगर निगम के साथ फॉगिंग भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कराई जा रही है।
कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा
डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छर जनित और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम द्वारा शहर में फागिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को घासमंडी, आनंद नगर, विनय नगर, हजीरा, दीनदयाल नगर, पिंटो पार्क, सीपी कालोनी, रमटापुरा, सिटी सेंटर, समाधिया कालोनी, गोल पहाड़िया, गेंडे वाली सडक, खुरैरी, बडागांव, सहित ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न गांवों सहित गलियों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव व फॉगिंग कराई गई।डेंगू के लक्षण
अगर डेंगू के लक्षण के बारे में बात करे, तो डेंगू बुखार के लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 7 दिनों के भीतर नजर आ सकते हैं। जैसे, अचानक तेज बुखार आ जाना, सिर में आगे की और तेज दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द और आंखों के हिलने से दर्द होना, मांसपेशियों (बदन) व जोडों में दर्द होना।मच्छर जनित बीमारियों से बचने के उपाय
1. नीम का पेड़ - नीम के पेड़ में अनेक बीमारियों की दवा होती हैं। नीम के पेड़ की पत्तियों को उबाल कर उसके पानी को छिड़कने से मच्छर,मख्खी व कीट नहीं आते।
2.मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए सोते समय आप हमेशा मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें।
3. पूरी बांह के हल्के रंग के कपड़े पहने, खिड़की और दरवाजे पर मच्छरजाली लगाएं।
4. मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए आप शीशी, टूटे-फूटे बर्तनों, गमले, पुराने टायर आदि में पानी जमा ना होने दें।
5. इस्तेमाल के पानी को हमेशा एयर टाइट ढक्कन से अथवा कपड़े से ढक कर रखे।
6. घर में पानी में लगाने वाले पौधे जैसे मनीप्लांट, कमल आदि न लगाए।
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