ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट गुरुवार को मुरार स्थित सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेने पहुंचे। बैठक से पहले मीडिया से चर्चा के दौरान एक सवाल पर उनका रुख सख्त हो गया। उन्होंने पत्रकार को बीच में टोकते हुए कहा, आप मुझे निर्देश नहीं देंगे, भाषा का सही प्रयोग करें। निर्देश देने का काम मेरा है।
सड़क और अस्पताल के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया
दरअसल, एक पत्रकार ने शहर की खराब सड़कों और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाया था। साथ ही यह टिप्पणी भी की कि मंत्री सिर्फ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे के समय ही सक्रिय नजर आते हैं। इस पर मंत्री सिलावट नाराज हो गए।उन्होंने कहा, इस तरह का सवाल पूछने का अधिकार मैं किसी को नहीं देता। मेरा पूरा हिसाब पार्टी और सरकार के पास है। सालभर का रिकॉर्ड निकाल लीजिए, फिर चर्चा कीजिए। प्रभारी मंत्री कितनी बार ग्वालियर आया है, इसका पूरा विवरण दर्ज है।
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत
बैठक में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र में 1711 किसान प्रभावित हुए हैं। इनके लिए 2 करोड़ 63 लाख रुपए की राहत राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि 20 फरवरी तक वितरित कर दी जाएगी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
“प्रदेश का बजट होगा ऐतिहासिक”
आगामी विधानसभा बजट सत्र को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए कर्ज के मुद्दे पर मंत्री सिलावट ने कहा कि मध्यप्रदेश का बजट ऐतिहासिक साबित होगा।उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार हो रहा यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देगा। यह विकास की मजबूत नींव रखेगा।
सिलावट ने कहा कि जैसे केंद्र सरकार के बजट में किसान, युवा, महिलाएं और पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है, वैसे ही राज्य का बजट भी समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि प्रदेश में इस वर्ष को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।
नई एग्जीक्यूटिव कमेटी से मुलाकात
मंत्री ने ग्वालियर जिले की नवगठित एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने उन्हें बधाई दी और भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहेगी।
चेतकपुरी रोड के गड्ढों को लेकर पहले भी रहे चर्चा में
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में ग्वालियर के चेतकपुरी रोड पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण कई वाहन फंस गए थे और कई लोग घायल भी हुए थे। मामला मीडिया में प्रमुखता से उठा था। उस समय मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सड़कों और अस्पताल व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। हालांकि यह निरीक्षण मीडिया से दूर रखा गया था।
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