मध्य प्रदेश सरकार ने ऐलान किया है कि 1 मई 2026 से राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में डिजिटल जनगणना की शुरुआत होगी। यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल और पेपरलेस जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप के जरिए रियल-टाइम डेटा एकत्र किया जाएगा।
जनगणना की प्रक्रिया
यह अभियान तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
- पहले चरण में मकानों से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी।
- दूसरे चरण में परिवारों का विवरण एकत्र किया जाएगा।
- तीसरे और अंतिम चरण में प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी रिकॉर्ड की जाएगी।
प्रगणकों की भूमिका
सरकारी कर्मचारी, जिन्हें प्रगणक के रूप में नियुक्त किया जाएगा, मोबाइल ऐप की सहायता से घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। एकत्र किया गया डेटा तुरंत सुरक्षित सरकारी पोर्टल पर अपलोड होगा।
तैनाती और प्रशिक्षण
प्रत्येक 1000 लोगों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। भोपाल में अधिकारियों का प्रशिक्षण 16 फरवरी 2026 से शुरू होगा। इस महाअभियान की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर भुवन गुप्ता को सौंपी गई है।
कानूनी प्रावधान
जनगणना के दौरान सही जानकारी देना अनिवार्य होगा। गलत सूचना देने या जानकारी देने से इनकार करने पर जनगणना अधिनियम के तहत तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
Comments (0)