भोपाल. मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए जमीन अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा देने का ऐलान किया है। मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा ज्यादा मुआवजा
सरकार के इस फैसले के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी सरकारी परियोजना के लिए यदि किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाती है, तो उन्हें बाजार मूल्य के मुकाबले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह कदम किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा करने और विकास कार्यों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
किसान कल्याण वर्ष में अहम कदम
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि विकास कार्यों के साथ-साथ किसानों को भी उचित आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना किसी नुकसान के अपनी जमीन उपलब्ध करा सकें।
ग्रामीण विकास के लिए 33 हजार करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देने के लिए 33 हजार करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। इससे सड़कों, आधारभूत संरचना और अन्य विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिसका सीधा फायदा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होगा।
अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर
बैठक में केवल किसानों से जुड़े फैसले ही नहीं, बल्कि कई अन्य अहम प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। सीएम केयर योजना की निरंतरता को मंजूरी दी गई है, वहीं नारी शक्ति वंदन के लिए विशेष सत्र बुलाने का निर्णय भी लिया गया है। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को साइकिल देने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है।
विकास और कल्याण का संतुलन
सरकार के इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां एक ओर अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर किसानों और छात्रों जैसे वर्गों को सीधे लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
किसानों में बढ़ी उम्मीदें
चार गुना मुआवजे के ऐलान के बाद किसानों में राहत और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। यह निर्णय न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि किसानों के विश्वास को भी मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।