मध्य प्रदेश सरकार ने सरदार सरोवर बांध परियोजना से प्रभावित हजारों परिवारों को राहत देने के लिए एक बड़ा और जनकल्याणकारी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में 25,600 से अधिक प्रभावित परिवारों को आवंटित रिहायशी प्लॉटों का नि:शुल्क पंजीकरण करने की मंजूरी प्रदान की गई। यह कदम वर्षों से विस्थापन की पीड़ा झेल रहे परिवारों के लिए नई शुरुआत का अवसर प्रदान करेगा।
प्लॉट रजिस्ट्रेशन की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी
इस निर्णय के तहत प्लॉट के रजिस्ट्रेशन से संबंधित स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की ओर से इन शुल्कों का भुगतान किया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, फिर भी सरकार ने पुनर्वासन को प्राथमिकता देते हुए इसे समाजिक उत्तरदायित्व का हिस्सा माना है।
विस्थापित परिवारों के लिए राहत और सम्मान दोनों
यह फैसला उन परिवारों के हक में लिया गया है, जिन्होंने बांध निर्माण के कारण अपने घर-आंगन और पुश्तैनी जमीन खोई थी। लंबे समय से पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे इन परिवारों के लिए प्लॉटों का मुफ्त पंजीकरण न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि यह उनके सम्मान और स्थायित्व का भी भरोसा देता है। सरकार का यह कदम पुनर्वासन नीति को प्रभावी रूप से लागू करने का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
चार जिलों के हजारों परिवारों को मिलेगा लाभ
नीति के अंतर्गत अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन और धार जिलों के उन परिवारों को लाभ मिलेगा जिन्हें सरदार सरोवर बांध परियोजना के चलते विस्थापित होना पड़ा था। ये सभी परिवार पूर्व में आवंटित रिहायशी प्लॉटों के कागजी पंजीकरण के इंतजार में थे, जिसे अब सरकार ने पूरी तरह से नि:शुल्क कर दिया है। इससे ग्रामीण और आदिवासी समुदाय के हजारों परिवारों को स्थायी आवास की दिशा में वास्तविक राहत मिल सकेगी।
नई सिंचाई परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
इस निर्णय के साथ राज्य सरकार ने मैहर और कटनी जिलों के लिए नई सिंचाई परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी है। यह न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। सरकार की यह पहल विकास को बहुआयामी बनाने की दिशा में एक समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती है।
जनकल्याण और पुनर्वासन का मजबूत संदेश
सरदार सरोवर बांध प्रभावित परिवारों को मुफ्त प्लॉट पंजीकरण का निर्णय राज्य सरकार की संवेदनशीलता, जनहित और पुनर्वासन के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है। वर्षों से विस्थापन की चुनौती झेल रहे परिवारों के लिए यह निर्णय स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद लेकर आया है। यह फैसला विकास और पुनर्वास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
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