देश के उत्तरी हिस्सों में ठंड एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में सर्द हवाओं और घने कोहरे ने सुबह के समय हालात बिगाड़ दिए। बर्फबारी के बाद पहाड़ी राज्यों में तापमान लगातार गिर रहा है और सभी जिलों में 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया है।
उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप बढ़ा
मैदानी राज्यों की ओर उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट ला दी है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब-चंडीगढ़ और हरियाणा-Delhi NCR में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। कई शहरों में दृश्यता इतनी कम रही कि सुबह 6.30 बजे आदमपुर, अंबाला, कानपुर, बरेली, प्रयागराज और ग्वालियर में विजिबिलिटी जीरो दर्ज की गई।
मौसम विभाग का अलर्ट
IMD ने दिल्ली-NCR में बिजली गिरने और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए भी इसी तरह के चेतावनी संदेश जारी किए गए हैं। अचानक मौसम बदलने के कारण लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में बारिश और ओले की संभावना
अगले सात दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस से प्रभावित रहेगा। इसके चलते उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी बढ़ने की संभावना है। वहीं मैदानी इलाकों में बारिश, ओले और तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। इससे तापमान और गिर सकता है।
क्या है वेस्टर्न डिस्टरबेंस?
वेस्टर्न डिस्टरबेंस भूमध्य सागर क्षेत्र से आने वाली पश्चिमी हवाओं का एक मौसमी सिस्टम है, जो खासकर सर्दियों में उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करता है। यह पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश लाता है। इसी सिस्टम की वजह से अक्सर जनवरी–फरवरी में ठंड बढ़ जाती है।
जनजीवन पर असर
घने कोहरे के कारण ट्रेनों और फ्लाइटों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। सड़क यातायात पर भी असर पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ सकती है।
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