संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने कृषि, सहकारिता, बैंकिंग एवं विपणन विभागों की समीक्षा बैठक में किसानों के हितों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में खाद, बीज एवं कीटनाशकों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कृषि विभाग को बाजार में उपलब्ध कृषि सामग्री की निरंतर सैंपलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
कमिश्नर अनिल सुचारी के कड़े निर्देश, कृषि सामग्री की निरंतर सैंपलिंग पर जोर
कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन डीलरों के नमूने बार-बार अमानक पाए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर सीधे लाइसेंस निरस्त किए जाएं। साथ ही अमानक कृषि सामग्री की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक पारदर्शिता एवं तकनीकी सुदृढ़ता पर बल देते हुए श्री सुचारी ने सहकारिता विभाग को सभी सहकारी समितियों का शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन सुनिश्चित करने को कहा। कृषि विभाग के अंतर्गत ई-विकास प्रणाली एवं ई-टोकन व्यवस्था को प्राथमिकता से लागू करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
ई-विकास प्रणाली, ई-टोकन व्यवस्था को प्राथमिकता, बीज प्रमाणीकरण की धीमी गति पर नाराजगी
उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ रीपर एवं बाइंडर के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक द्वारा ऋण वसूली में लक्ष्य के विरुद्ध कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बीज प्रमाणीकरण की धीमी गति पर असंतोष जताते हुए भौतिक सत्यापन कार्य में तेजी लाने को कहा गया।
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