सारंगढ़। सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले में पदस्थ तहसीलदार बंदे राम भगत ने पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज होकर सिटी कोतवाली थाने के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। तहसीलदार का आरोप है कि 20 जनवरी को उनके बेटे राहुल भगत के साथ जिले के कलेक्टर के गनमैन ने मारपीट और गाली-गलौज की, लेकिन घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है।
तहसीलदार भगत का कहना है कि मारपीट में उनके बेटे के कान का पर्दा फट गया, इसके बावजूद पुलिस लगातार मामले को टालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वे दोपहर करीब 3 बजे से थाने में मौजूद हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी को उन्होंने 8 से 10 बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया। एक बार संपर्क होने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब उन्होंने जांच अधिकारी से मुलाकात की तो बताया गया कि फाइल आरक्षक को सौंप दी गई है, लेकिन आरक्षक से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
लगातार टालमटोल से आहत होकर तहसीलदार बंदे राम भगत ने थाने के सामने आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती और उसकी प्रति उन्हें नहीं दी जाती, तब तक वे न तो पानी पिएंगे और न ही भोजन करेंगे।
इस घटनाक्रम के बाद सिटी कोतवाली में हड़कंप की स्थिति बन गई है। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
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