अमेरिका और इज़राइल की ईरान के साथ जंग तेरहवें दिन में पहुँच गई है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका पहले ही जीत हासिल कर चुका है, लेकिन मिशन पूरा होने तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती घंटों में ही ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान हुआ था।
भारी खर्च
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार शुरुआती छह दिनों में लगभग 11.3 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) खर्च हुए। इसमें से लगभग 5 अरब डॉलर हथियारों और गोला-बारूद पर ही खर्च किए गए।
फारस की खाड़ी में हमला
बुधवार रात एक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। हमले के पीछे कौन है, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन तनाव और गहराता जा रहा है।
ईरान की शांति की शर्तें
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखीं:
- 1. ईरान के कानूनी अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले।
- 2. युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
- 3. भविष्य में हमले न होने की ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए।
अन्य घटनाक्रम
- ईरान के लिए जासूसी के आरोप में 4 लोग गिरफ्तार।
- अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ईरानी हमलों की निंदा करते हुए संघर्ष रोकने की अपील की।
- अब तक 1100 से अधिक बच्चे मारे गए या घायल हुए।
- ईरान ने चेतावनी दी कि जंग बढ़ी तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
बढ़ता संकट
लगातार हवाई और मिसाइल हमलों से ईरान और खाड़ी देशों में हालात तनावपूर्ण हैं। तेल सप्लाई और वैश्विक बाजार पर असर गहराता जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
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