पंजाब की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई। यह फैसला उनके आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद लिया गया।
दलबदल के बाद बदला सुरक्षा घेरा
सूत्रों के मुताबिक पंजाब पुलिस के सुरक्षा कर्मियों को वापस बुला लिया गया है। हरभजन सिंह उन सात राज्यसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने राघव चड्ढा के नेतृत्व में पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा। इनमें स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, जगह-जगह विरोध
जालंधर और लुधियाना में आप कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर दिखा। कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के आवास और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बाहर नारेबाजी की और दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखकर विरोध जताया।
पुतला दहन और नारेबाजी
जालंधर में प्रदर्शनकारियों ने सांसद अशोक मित्तल का पुतला फूंका और पोस्टरों पर काली स्याही पोती। वहीं लुधियाना में सांसद राजिंदर गुप्ता के भाजपा में शामिल होने के बाद ट्राइडेंट ग्रुप के दफ्तर के बाहर घेराव किया गया।
पुलिस से भी झड़प
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। यूथ विंग के नेताओं ने इसे जनादेश के साथ विश्वासघात बताते हुए दलबदल की राजनीति करार दिया।