बांग्लादेश के आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। इस बार 51 राजनीतिक पार्टियां सत्ता की लड़ाई में हैं। चुनाव में लगभग 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे यह चुनाव देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अभ्यासों में शामिल हो गया है।
युवाओं की भूमिका सबसे अहम
इस चुनाव में युवा मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। कुल मतदाताओं में करीब 50% युवा हैं, जिनकी उम्र 18 से 37 साल के बीच है। इनमें लगभग 45.7 लाख मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं, जो राजनीतिक समीकरण बदलने की क्षमता रखते हैं।
PM पद की रेस में तीन बड़े चेहरे
प्रधानमंत्री पद की दौड़ में तीन प्रमुख चेहरे सामने आए हैं। इनमें सबसे आगे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान हैं। उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि BNP को बहुमत मिलता है, तो तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
तारिक रहमान की वापसी और सियासी मजबूती
तारिक रहमान 25 जनवरी को ब्रिटेन से बांग्लादेश लौटे थे। उनकी वापसी के सिर्फ पांच दिन बाद उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इसके बाद BNP की कमान पूरी तरह तारिक रहमान के हाथों में आ गई।
विवादों से लेकर सियासी पकड़ तक
विदेश में रहते हुए भी पार्टी पर रहा प्रभाव 2001 से 2006 के BNP शासनकाल के दौरान तारिक रहमान पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। 2007 में अंतरिम सरकार के समय उन्हें 18 महीने जेल में रहना पड़ा। 2008 में इलाज के लिए वे लंदन चले गए और लंबे समय तक देश से बाहर रहे। टाइम मैगजीन के अनुसार, विदेश में रहने के बावजूद BNP की रणनीति, आंदोलन और राजनीतिक दिशा लंबे समय तक तारिक रहमान के इशारों पर ही तय होती रही।
करीब 70% समर्थन का दावा
दिसंबर में सामने आए ओपिनियन पोल्स के मुताबिक तारिक रहमान की पार्टी को करीब 70% लोगों का समर्थन मिलता नजर आया। मां के निधन के बाद मिली सहानुभूति और उनकी राजनीतिक वापसी को इस समर्थन की बड़ी वजह माना जा रहा है।
विकास और पर्यावरण पर फोकस
तारिक रहमान खुद को एक शांत, सुनने वाले और पॉलिसी-फोकस्ड नेता के रूप में पेश कर रहे हैं। वे हर साल 5 करोड़ पेड़ लगाने, ढाका में नए ग्रीन जोन विकसित करने और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों को अपने चुनावी एजेंडे का केंद्र बना रहे हैं।
युवाओं की पसंद बनती जा रही एनसीपी
BNP के अलावा कट्टर मुस्लिम पार्टी जमात-ए-इस्लामी और युवाओं की पार्टी नेशनल सिटिजन्स पार्टी (NCP) का समर्थन भी तेजी से बढ़ा है। जमात के नेता शिफुकर रहमान और NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम भी प्रधानमंत्री पद के अहम चेहरों में गिने जा रहे हैं।
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