वॉशिंगटन: अमेरिका में नवंबर 2026 में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में अपना खजाना खोल दिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मस्क जुलाई से अब तक रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उनसे जुड़े राजनीतिक संगठनों को मजबूत करने के लिए 276 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर चुके हैं। इस खर्च के साथ वह मौजूदा चुनाव चक्र में अमेरिका के सबसे बड़े ज्ञात राजनीतिक दानदाताओं में शामिल हो गए हैं।
मस्क की इस आर्थिक मदद का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत को बनाए रखने की कोशिशों को समर्थन देना है। मिडटर्म चुनाव में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट की सीटों के लिए मुकाबला होगा। इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शेष कार्यकाल के दौरान उनकी सरकार की नीतियों और विधायी एजेंडे को प्रभावित कर सकते हैं।
कहां और कितना पैसा खर्च कर रहे हैं मस्क?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से सामने आए आंकड़ों के अनुसार, मस्क ने जुलाई से सितंबर 2026 के बीच रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने वाले कई राजनीतिक संगठनों को बड़ी रकम दी है। इसकी जानकारी मस्क के राजनीतिक संगठन के प्रवक्ता एंड्रयू रोमियो ने भी पुष्टि की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने सीनेट लीडरशिप फंड को 158 मिलियन डॉलर दिए हैं। यह एक प्रमुख सुपर पीएसी है, जो रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवारों के समर्थन में काम करता है। इसके अलावा, मस्क ने अपने राजनीतिक संगठन अमेरिका पीएसी को 76 मिलियन डॉलर दिए हैं। यह संगठन चुनाव प्रचार और मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अभियान चलाता है।
मस्क ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने वाले कांग्रेसनल लीडरशिप फंड को भी 20 मिलियन डॉलर दिए। वहीं, टेक्सास में रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार केन पैक्सटन का समर्थन करने वाले लोन स्टार लिबर्टी पीएसी को 10 मिलियन डॉलर की मदद दी गई है। इन प्रमुख योगदानों के अलावा भी मस्क के राजनीतिक खर्च का दायरा व्यापक रहा है।
ट्रंप के साथ रिश्तों में सुधार के बाद बढ़ा राजनीतिक खर्च
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते 2025 में उस समय तनावपूर्ण हो गए थे, जब मस्क ट्रंप प्रशासन से अलग हुए थे। उस दौरान दोनों के बीच नीतियों और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सार्वजनिक मतभेद भी सामने आए थे। मस्क ने उस समय भविष्य में राजनीतिक खर्च कम करने की बात कही थी।
हालांकि, बाद में दोनों के रिश्तों में फिर सुधार देखने को मिला। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में बड़े पैमाने पर आर्थिक योगदान दिया है। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भी मस्क ने ट्रंप की जीत के लिए भारी रकम खर्च की थी और उनके प्रचार अभियान को आर्थिक समर्थन दिया था।
चुनाव से पहले रिपब्लिकन के सामने कई चुनौतियां
मस्क की ओर से बड़ी रकम दिए जाने का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब रिपब्लिकन उम्मीदवारों को महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत और ट्रंप प्रशासन के कामकाज को लेकर मतदाताओं की नाराजगी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में राजनीतिक विज्ञापनों और मतदाताओं तक पहुंच बनाने के अभियानों पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है।
रिपब्लिकन समर्थक संगठनों का कहना है कि इस आर्थिक मदद से उन्हें अपना संदेश मतदाताओं तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े नेताओं ने बड़े राजनीतिक चंदे पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार अपनी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए भारी रकम का सहारा ले रहे हैं।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में बड़े दानदाताओं की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, चुनाव प्रचार पर खर्च होने वाली रकम अपने आप में नतीजों की गारंटी नहीं देती। मतदाताओं का रुख, स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी चुनावी परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।