ईरान. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होरमुज जलडमरूमध्य एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। यह वही मार्ग है जहां से वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की बड़ी आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां हुई किसी भी सैन्य या आतंकी गतिविधि का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ताजा घटनाओं ने इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को फिर उजागर कर दिया है।
तीन जहाजों पर समन्वित हमला
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और United Kingdom Maritime Trade Operations के अनुसार, बुधवार को कम से कम तीन कंटेनर जहाजों को निशाना बनाया गया। हमलावरों ने रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड और गोलियों का इस्तेमाल किया। पहला हमला ओमान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में हुआ, जहां एक लाइबेरिया ध्वज वाले जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा।
गनबोट से अचानक फायरिंग
पहले हमले में जहाज के कप्तान ने बताया कि एक संदिग्ध गनबोट तेजी से उनकी ओर बढ़ी और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि इस हमले में आग या पर्यावरणीय नुकसान नहीं हुआ और सभी क्रू सदस्य सुरक्षित रहे, लेकिन इस घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अन्य दो घटनाओं में भी फायरिंग
दूसरी घटना में पनामा ध्वज वाले एक जहाज को ईरान के पश्चिम में लगभग 8 नॉटिकल मील दूरी पर निशाना बनाया गया। इस हमले में जहाज को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। तीसरी घटना में एक अन्य लाइबेरिया ध्वज वाले जहाज पर उस समय गोलीबारी हुई, जब वह जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था। सुरक्षा के लिहाज से जहाज को बीच समुद्र में रुकना पड़ा, हालांकि इसमें भी सभी सदस्य सुरक्षित रहे।
संदिग्ध गतिविधि और चेतावनी संकेत
रिपोर्ट के अनुसार, एक जहाज ने पहले ही Islamic Revolutionary Guard Corps को सूचित किया था कि एक संदिग्ध गनबोट उनकी ओर बढ़ रही है। इसके कुछ ही समय बाद हमला हुआ, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि यह घटनाएं योजनाबद्ध हो सकती हैं।
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य में इस तरह के हमले वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। यह मार्ग एशिया, यूरोप और अमेरिका के बीच ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। अगर इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका असर तेल की कीमतों, आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ना तय है।
बढ़ते तनाव के बीच सतर्कता जरूरी
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव वैश्विक स्तर पर अस्थिरता पैदा कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि व्यापारिक मार्ग सुरक्षित रह सकें।