अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से प्रस्ताव आने तक संघर्ष विराम जारी रहेगा। उन्होंने इस पहल का श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को भी दिया।
इजरायल की सेना हाई अलर्ट पर
सीजफायर की घोषणा के बावजूद इजरायल ने सख्त रुख अपनाया है। आईडीएफ (IDF) चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि सेना पूरी तरह हाई अलर्ट पर है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
“हम हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार”
इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह में सैनिकों को संबोधित करते हुए जमीर ने कहा कि 7 अक्टूबर के हमलों के बाद से देश लगातार अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि गाजा में हमास के खिलाफ कार्रवाई जारी है और सेना किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटेगी।
लेबनान और ईरान मोर्चे पर तनाव
जमीर ने यह भी बताया कि उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी है। साथ ही उन्होंने ईरान को लेकर कहा कि हाल के संघर्षों के बाद भी आईडीएफ पूरी तरह तैयार और अलर्ट स्थिति में है।
ईरान का भी सख्त जवाब
दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए कहा कि वह देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने अपने बलिदान और युद्ध क्षमता का भी उल्लेख किया।
बढ़ता तनाव, समाधान अब भी दूर
ट्रंप के सीजफायर प्रयासों के बावजूद इजरायल और ईरान दोनों के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।