हाल ही में अमेरिका ने भारत पर पहले से लगाए गए 25% अतिरिक्त शुल्क को हटा दिया और यह दावा किया कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर चुका है। हालांकि,भारत सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा नीति और तेल आयात से जुड़े फैसले पूरी तरह राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि रूस अब भारत का प्राथमिक आपूर्तिकर्ता नहीं रहा, लेकिन भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा।
भारत तेल व गैस का बड़ा आयातक है
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा नीति और तेल आयात से जुड़े फैसले पूरी तरह राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि रूस अब भारत ने कहा, “भारत एक विकासशील देश और तेल व गैस का बड़ा आयातक है। हमारी प्राथमिकता है कि भारतीय उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर, सुरक्षित और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित हो।”अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय कंपनियों ने हाल के दिनों में रूस से तेल का कोई नया सौदा नहीं किया है, जबकि वेनेजुएला से कुछ बड़े सौदे हुए हैं।
भारत अपनी तेल जरूरतों का करीब 80-85% आयात करता है
विदेश सचिव ने यह भी बताया कि भारत अपनी तेल जरूरतों का करीब 80-85% आयात करता है। इस कारण, ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा - सरकार का दायित्व है कि वह ऊर्जा आपूर्ति के मामलों में सतर्क और व्यावहारिक नीति अपनाए। वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।
कच्चे तेल का आयात दर्जनों देशों से किया जाता है
मिसरी ने जोर देकर कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि भारत कई देशों से तेल आयात करता है और समय-समय पर आपूर्ति स्त्रोतों का मिश्रण बदलता रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कच्चे तेल का आयात दर्जनों देशों से किया जाता है और स्त्रोतों में विविधता ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है।
हमारे लिए हमेशा राष्ट्रीय हित सर्वेपरि है
विदेश सचिव के अनुसार, जितनी अधिक विविधता होगी, उतनी ही अधिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा और हमेशा राष्ट्रीय हित, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देगा।
Comments (0)