फर्जी IAS अधिकारी बनकर कथित तौर पर लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु की पुलिस रिमांड सोमवार, 7 सितंबर 2026 को खत्म हो रही है। चार दिन तक पूछताछ के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश करेगी।अब कोर्ट के फैसले पर नजर रहेगी कि जांच के लिए दोनों की पुलिस रिमांड आगे बढ़ाई जाती है या उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाता है।
फर्जी सरकारी पहचान के इस्तेमाल की जांच
पुलिस रिमांड के दौरान जांच अधिकारियों ने तृप्ति सिंह और उसके भाई से कथित ठगी से जुड़े मामलों में पूछताछ की। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर रहा कि दोनों ने सरकारी अधिकारी होने का दावा कर किन-किन लोगों से संपर्क किया।इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर ठगी का नेटवर्क किस तरह संचालित किया जाता था और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
MPT Tourism होटल लीज के नाम पर कथित ठगी की पड़ताल
जांच में भोपाल में दर्ज मामलों के अलावा चंदेरी में सामने आए कथित ठगी के मामलों को भी शामिल किया गया है।पुलिस MPT Tourism की होटल लीज दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर 39.17 लाख रुपये और करीब 50 लाख रुपये की ठगी के आरोपों की जांच कर रही है। वहीं, चंदेरी में भी करीब 9.80 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है।
जांच एजेंसियां इन अलग-अलग मामलों के बीच संभावित कनेक्शन तलाश रही हैं और यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे एक ही तरीके से काम करने वाला नेटवर्क था।
कितने लोगों को बनाया गया निशाना?
पुलिस की जांच अब कथित ठगी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। रिमांड के दौरान अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि तृप्ति सिंह और उसके भाई के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और सरकारी पद या पहचान का कथित तौर पर इस्तेमाल कर कितने लोगों को निशाना बनाया गया।पुलिस संभावित अन्य पीड़ितों और सामने आ सकने वाले नए मामलों की जानकारी भी जुटा रही है।
आज कोर्ट से तय होगा आगे का रास्ता
तृप्ति सिंह और सुधांशु की आज होने वाली पेशी के बाद यह स्पष्ट होगा कि पुलिस को दोनों की आगे की हिरासत मिलती है या उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है। मामले की जांच के दौरान पुलिस कथित ठगी से जुड़े अलग-अलग मामलों और उनके बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।