ग्वालियर | शीतला माता मंदिर के मुख्य द्वार पर हुए भीषण ट्रक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में ट्रक की चपेट में आने से 15 लोग प्रभावित हुए। ढलान से नीचे आया ट्रक लोगों को रौंदता हुआ मंदिर के मुख्य द्वार से टकराकर रुक गया। बताया जा रहा है कि यदि ट्रक द्वार से टकराकर नहीं रुकता, तो जनहानि और भी अधिक हो सकती थी। इस दर्दनाक घटना के बाद मंदिर प्रबंधन ने आगामी नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर अस्थायी दुकानें नहीं लगने देने की योजना बनाई है। इसके साथ ही मंदिर के सामने स्थित वर्षों पुरानी धर्मशाला को हटाने की दिशा में भी कदम उठाने की तैयारी है।
मुख्य द्वार के बाहर नहीं लगेंगी अस्थायी दुकानें
शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ और मुख्य द्वार के आसपास की अव्यवस्थित दुकानों को देखते हुए मंदिर समिति व्यवस्था में बदलाव करना चाहती है। योजना के अनुसार, आगामी नवरात्र में मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर सड़क पर अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास पर्याप्त जगह और सुगम आवागमन बनाए रखना जरूरी है। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही बेहतर हो सकेगी और आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य करने में भी सुविधा मिल सकती है।
मंदिर परिसर के अंदर ही लग सकेंगी दुकानें
फिलहाल मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर सड़क के दोनों ओर स्थानीय लोग बड़ी संख्या में दुकानें लगाते हैं। मंदिर परिसर के भीतर भी प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें मौजूद हैं। हर साल मेले और नवरात्र के दौरान इन दुकानों को लेकर व्यवस्था की जाती है। अब मंदिर समिति की योजना है कि दुकानों को मुख्य द्वार के बाहर लगाने के बजाय मंदिर परिसर के अंदर व्यवस्थित तरीके से जगह दी जाए। इससे सड़क और प्रवेश द्वार के आसपास अनावश्यक भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है।
पुरानी धर्मशाला हटाने की भी तैयारी
मंदिर के मुख्य द्वार के सामने स्थित वर्षों पुरानी धर्मशाला को लेकर भी मंदिर प्रबंधन ने योजना बनाई है। समिति के अनुसार, धर्मशाला के आसपास फुटपाथ पर बड़ी संख्या में दुकानें लग जाती हैं, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन और सुरक्षा को लेकर परेशानी पैदा होती है। मंदिर समिति इस धर्मशाला को हटाने के लिए प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करेगी। प्रस्तावित कार्रवाई का उद्देश्य मंदिर के सामने के क्षेत्र को अधिक खुला और सुरक्षित बनाना है, ताकि नवरात्र और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को आने-जाने में कठिनाई न हो।
मंदिर समिति ने एसआईटी जांच की मांग की
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मंदिर समिति ने मामले की विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने की मांग भी की है। समिति चाहती है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच हो और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर रहेगा जोर
शीतला माता मंदिर में नवरात्र और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य द्वार के आसपास दुकानों की व्यवस्था, सड़क पर भीड़ का नियंत्रण और सुरक्षित आवागमन बेहद महत्वपूर्ण है। मंदिर प्रबंधन की प्रस्तावित योजना लागू होने पर मुख्य द्वार के बाहर की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, अस्थायी दुकानों को हटाने और धर्मशाला से संबंधित कदमों की अंतिम रूपरेखा प्रशासन के साथ समन्वय के बाद स्पष्ट होगी।