भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की जर्जर इमारतों की समस्या दूर करने के बजाय आंकड़ों के जरिए अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
फरवरी में 5 हजार जर्जर, जुलाई में एक भी नहीं!
कमलनाथ के मुताबिक, फरवरी 2026 में सरकार ने 5,000 से अधिक सरकारी स्कूलों की इमारतों को जर्जर माना था, लेकिन जुलाई 2026 में किसी भी स्कूल के जर्जर नहीं होने की जानकारी घोषित कर दी गई।
बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल सुधार की मांग
कमलनाथ ने कहा कि जर्जर स्कूल भवनों को कागजों में सही बताने के बजाय उनकी वास्तविक स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्कूलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम तत्काल कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सरकारी स्कूलों के भवनों की स्थिति को लेकर अब अहम सवाल यह है कि दर्ज कमियों को दूर करने के लिए कितने स्कूलों में वास्तव में काम पूरा हुआ है और कितने भवनों में अब भी सुधार की जरूरत है।