भोपाल: मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से प्रदेश में दिन के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। महज चार दिनों में अधिकतम तापमान 7 से 8 डिग्री तक नीचे आ गया है। अब बंगाल की खाड़ी में सक्रिय नए चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 5 नवंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम प्रभावित रह सकता है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा।
जबलपुर-रीवा समेत 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इन जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है:
जबलपुर, नरसिंहपुर और कटनी
छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी
बालाघाट, मंडला और डिंडौरी
उमरिया, अनूपपुर और शहडोल
मैहर, सीधी और सिंगरौली
इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मुरासु तूफान का इन संभागों में दिखेगा असर
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के कुछ जिलों में मौसम बदल सकता है।वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।इससे पहले रविवार को सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई थी।
48 घंटे में 7.7 डिग्री तक गिरा दिन का तापमान
प्रदेश में बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 48 घंटों के दौरान चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में अधिकतम तापमान 5.3 से 7.7 डिग्री तक गिर गया।वहीं भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में भी पारा करीब 4.9 डिग्री तक लुढ़का है।रात के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है।
दमोह सबसे ठंडा, भोपाल में 15.2 डिग्री तापमान
बीती रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली।
प्रमुख स्थानों का न्यूनतम तापमान
दमोह: 14.5 डिग्री सेल्सियस
अमरकंटक: 15.1 डिग्री सेल्सियस
भोपाल: 15.2 डिग्री सेल्सियस
गिरवर (शाजापुर): 15.4 डिग्री सेल्सियस
मलाजखंड (बालाघाट): 15.8 डिग्री सेल्सियस
बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगेगा। खासकर ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में उत्तरी हवाओं के कारण तापमान तेजी से नीचे जा सकता है।इतिहास की बात करें तो ग्वालियर में नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
नवंबर में भी बारिश का ट्रेंड रहेगा जारी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान भी बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, बारिश और ठंड का वास्तविक असर आने वाले दिनों में सक्रिय मौसम प्रणालियों और विभाग के नए पूर्वानुमान पर निर्भर करेगा।