भोपाल | मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक दिलाने के लिए सरकार रजिस्ट्री अभियान तेज करने जा रही है। धनतेरस के अवसर पर 6 नवंबर को प्रदेश के गांव-गांव में विशेष रजिस्ट्री अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मंत्री, विधायक और सांसद भी गांवों में पहुंचकर रजिस्ट्रियां करवाने में सहयोग करेंगे।
15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य
राज्य सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक प्रदेश में 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। लक्ष्य हासिल करने के लिए शेष रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
6 नवंबर को गांवों में चलेगा विशेष अभियान
धनतेरस के दिन यानी 6 नवंबर को ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को योजना का लाभ मिल सके।
पट्टे की रजिस्ट्री का खर्च उठाएगी सरकार
सरकार के मुताबिक, पट्टे की रजिस्ट्री पर लगने वाला स्टांप शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी। इससे ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें अपनी संपत्ति के दस्तावेज तैयार कराने में मदद मिलेगी।
50 लाख निजी संपत्तियों की मुफ्त पक्की रजिस्ट्री का लक्ष्य
मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 50 लाख निजी संपत्तियों की मुफ्त पक्की रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा है। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराने और संपत्ति संबंधी अधिकारों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।