नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर महाभारत से जुड़ा एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इस श्लोक के जरिए उन्होंने विवेक, अनुभवी लोगों की सलाह और सोच-समझकर किए गए कर्मों के महत्व का संदेश दिया। श्लोक में बताया गया है कि जो व्यक्ति बुद्धिमान लोगों के विचारों के परिणामों पर विचार करके अपने कार्यों में दृढ़ता से आगे बढ़ता है, वह लंबे समय तक यश और सम्मान प्राप्त करता है।
पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत श्लोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर यह संस्कृत श्लोक साझा किया:
“सुव्याहृतानि धीराणां फलतः परिचिन्त्य यः।
अध्यवस्यति कार्येषु चिरं यशसि तिष्ठति॥”
इसका हिंदी भावार्थ है कि जो व्यक्ति धैर्यवान और बुद्धिमान लोगों के सुविचारित वचनों के परिणामों पर विचार करता है और फिर अपने कार्यों में दृढ़ संकल्प के साथ जुट जाता है, वह लंबे समय तक यश और सम्मान प्राप्त करता है। ऐसा व्यक्ति राष्ट्र की उन्नति में भी अपना योगदान देता है।
महाभारत की विदुर नीति से लिया गया है श्लोक
बताया जाता है कि यह प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक महाभारत के उद्योग पर्व के अंतर्गत आने वाली विदुर नीति के 39वें अध्याय के 31वें श्लोक से संबंधित है। महाभारत युद्ध से पहले जब महाराजा धृतराष्ट्र पांडवों के अधिकारों और भविष्य को लेकर चिंतित थे, तब महात्मा विदुर ने उन्हें नीति और विवेक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें समझाई थीं। विदुर नीति में इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति को महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय केवल भावनाओं या जल्दबाजी के आधार पर काम नहीं करना चाहिए। उसे अनुभवी और बुद्धिमान लोगों की सलाह पर विचार करना चाहिए।
क्या है इस श्लोक का जीवन संदेश?
इस श्लोक का मुख्य संदेश है कि केवल अच्छी बातें सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समझकर जीवन और कर्म में उतारना भी जरूरी है। किसी भी बड़े फैसले से पहले उसके संभावित परिणामों पर विचार करना चाहिए। महात्मा विदुर की सीख के अनुसार, जो व्यक्ति ज्ञान और अनुभव से मिली सलाह को समझता है, उसके दूरगामी परिणामों का आकलन करता है और फिर दृढ़ निश्चय के साथ अपने कर्तव्य पूरे करता है, उसे स्थायी सफलता और सम्मान मिलता है।
जल्दबाजी नहीं, विवेक और संकल्प से मिलती है सफलता
यह सुभाषित बताता है कि क्षणिक लाभ के लिए बिना सोचे-समझे कदम उठाने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से काम करना अधिक महत्वपूर्ण है। अनुभवी लोगों की सलाह, दूरदर्शिता और अपने कर्तव्य के प्रति दृढ़ता व्यक्ति को लंबे समय तक सम्मान दिला सकती है। यही संदेश व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण है।