नई दिल्ली - भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस सीजन अपना पहला खिताब जीत लिया है। वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें स्थान पर काबिज लक्ष्य ने हाइलो ओपन के फाइनल में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। रविवार को खेले गए मुकाबले में उन्होंने छठी वरीयता प्राप्त क्रिस्टी को 21-17, 21-10 से शिकस्त दी। यह लक्ष्य के करियर का सातवां खिताब है। इसके साथ ही वह दो बार हाइलो ओपन जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
आठ शुरुआती दौर की हार के बाद मिली बड़ी राहत
लक्ष्य सेन के लिए यह जीत कई मायनों में खास रही। इस सीजन अंतरराष्ट्रीय टूर पर उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा था। ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचने के बावजूद उन्हें आठ बार टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में हाइलो ओपन का खिताब उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली उपलब्धि साबित हुआ।
पहले गेम में वापसी कर बनाई बढ़त
फाइनल के पहले गेम में लक्ष्य ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 18-10 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, इसके बाद उनकी लय कुछ कमजोर पड़ी और जोनाथन क्रिस्टी ने लगातार अंक हासिल कर स्कोर 17-18 तक पहुंचा दिया। मुकाबला रोमांचक मोड़ पर था, लेकिन लक्ष्य ने दबाव में संयम बनाए रखा और लगातार अंक जुटाकर पहला गेम 21-17 से जीत लिया।
दूसरे गेम में क्रिस्टी को नहीं दिया मौका
दूसरे गेम में लक्ष्य सेन ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। तेज स्मैश, नेट पर शानदार मूवमेंट और सटीक शॉट्स के जरिए उन्होंने क्रिस्टी को लगातार दबाव में रखा। विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर मौजूद इंडोनेशियाई खिलाड़ी पूरे गेम में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करता रहा। लक्ष्य ने बेहतरीन खेल जारी रखते हुए दूसरा गेम 21-10 से अपने नाम किया और मुकाबला जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।
करियर का सातवां खिताब, भारतीय बैडमिंटन के लिए खास उपलब्धि
हाइलो ओपन में मिली इस जीत के साथ लक्ष्य सेन ने अपने करियर में सातवीं बार खिताबी सफलता हासिल की। दूसरी बार इस टूर्नामेंट का चैंपियन बनकर उन्होंने एक और उपलब्धि अपने नाम की। लगातार शुरुआती दौर की हार के बाद मिली यह जीत लक्ष्य के लिए सीजन का अहम मोड़ साबित हो सकती है।