नई दिल्ली - केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी INDIA गठबंधन की रैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे 'बेवकूफी भरा ड्रामा' करार देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर प्रदर्शन करने को लेकर निशाना साधा। नड्डा ने आरोप लगाया कि इस दिन दिल्ली में प्रदर्शन करके राहुल गांधी ने सिख समुदाय के पुराने जख्मों को फिर से कुरेदने का काम किया है।
रैली को बताया अराजकता फैलाने की साजिश
जेपी नड्डा ने दावा किया कि यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था को अराजकता और अव्यवस्था की ओर धकेलने की सोची-समझी कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने इसे कांग्रेस के राजनीतिक पतन की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों को जनता स्वीकार नहीं करेगी।
पत्रकारों से बातचीत में नड्डा ने आरोप लगाया कि रैली का उद्देश्य दिल्ली में तनाव और अव्यवस्था पैदा कर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाने का प्रयास करना है। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के मौसम में इस तरह के आयोजनों से दिल्ली के दुकानदारों और व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
1984 के सिख-विरोधी दंगों का किया जिक्र
नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए 1 नवंबर 1984 की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उस काले इतिहास को नजरअंदाज नहीं कर सकते और न ही दिल्ली के व्यापारियों की परेशानियों का जवाब देने से बच सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है, जहां देश का संचालन संविधान और जनता के जनादेश के आधार पर होता है। उनके मुताबिक, देश में राजनीति का रास्ता दंगों और अराजकता से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों से तय होना चाहिए।
राहुल गांधी के राजनीतिक मॉडल पर लगाए आरोप
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीति को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने इसे चार चरणों वाला मॉडल बताते हुए कहा कि पहले चरण में कथित तौर पर झूठ और अफवाहें फैलाई जाती हैं। दूसरे चरण में सड़कों पर अशांति और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश होती है। नड्डा के आरोपों के मुताबिक, तीसरे चरण में देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और चौथे चरण में विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जाता है।
रैली को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में बढ़ी बयानबाजी
रामलीला मैदान में हुई INDIA गठबंधन की रैली के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बीजेपी नेता जहां रैली के आयोजन और उसके उद्देश्यों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं विपक्षी गठबंधन ने इसे अपनी राजनीतिक एकजुटता और मांगों को सामने रखने का मंच बनाया। फिलहाल नड्डा के बयान में लगाए गए आरोप राजनीतिक दावों का हिस्सा हैं। इन पर कांग्रेस या राहुल गांधी की प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद के दूसरे पक्ष को भी समझा जा सकेगा।