मुंबई | सोमवार, 2 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स लगभग 900 अंक उछलकर 75,349.07 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में ऑटो और पीएसयू बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजों ने भी बाजार को सहारा दिया।
सेंसेक्स 715 अंक की बढ़त के साथ खुला
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 715 अंक यानी करीब 0.96 फीसदी की तेजी के साथ 75,175 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 करीब 195 अंक यानी 0.85 फीसदी चढ़कर 23,271 के स्तर पर पहुंचा। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में खरीदारी और तेज हो गई। सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स करीब 1.19 फीसदी की बढ़त के साथ 75,349.07 पर कारोबार कर रहा था।
रिलायंस के मुनाफे ने बाजार को दिया बड़ा सहारा
सोमवार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका रही। कंपनी ने सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के तिमाही शुद्ध मुनाफे में 40.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी के एनर्जी कारोबार और डिजिटल सेवाओं से जुड़े जियो प्लेटफॉर्म्स के बेहतर प्रदर्शन ने नतीजों को मजबूती दी। जियो प्लेटफॉर्म्स के मुनाफे में भी 13.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इन नतीजों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर शुरुआती कारोबार में 4.59 फीसदी चढ़कर 1,217 रुपये पर पहुंच गया।
टाटा स्टील और NTPC में भी तेजी
बाजार की तेजी का असर कई बड़े शेयरों पर देखने को मिला। टाटा स्टील और एनटीपीसी के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, सभी दिग्गज शेयरों में तेजी नहीं रही। शुरुआती कारोबार में सन फार्मा, इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। खबरों के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों के तहत ईरानी अधिकारियों और कतर के मध्यस्थों के बीच बातचीत हुई। शांति की उम्मीदों के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत शुक्रवार के करीब 118 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से घटकर सोमवार को लगभग 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। तेल की कीमतों में नरमी से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत को लेकर चिंताएं कुछ कम हो सकती हैं।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीदारी भी तेजी की एक वजह रही। उपलब्ध प्रोविजनल आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को करीब 3,600 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। बताया गया कि पिछले 10 कारोबारी सत्रों में यह छठा मौका था, जब विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की। बाजार के जानकारों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की वापसी से घरेलू बाजार की धारणा को मजबूती मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
रिलायंस के मजबूत नतीजे, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को शुरुआती मजबूती दी। हालांकि, वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को केवल शुरुआती तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश का फैसला लेने से बचना चाहिए।