भारत की न्याय व्यवस्था में आज यानी की सोमवार 1 जुलाई 2024 से कई बड़े बदलाव हुए हैं। अंग्रेजों के समय से बने Criminal Laws की जगह अब केंद्र की मोदी सरकार ने तीन नए कानून लागू किये हैं, जिसके तहत सोमवार से देशभर में भारतीय न्याय संहिता अब इंडियन पीनल कोड की जगह लेगा।
अंग्रेजों के बनाए कानून निरस्त हुए है
इसके साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम भी प्रभावी होंगें। मतलब अब क्राइम वाले दर्ज मामले IPC, CrPC और इंडियन एविडेंस एक्ट के तहत चलेंगे। आपको बता दें कि, ये तीनों बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पास किए गए थें। अब तीनों नए कानूनों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। अमित शाह ने कहा कि, महिला अपराध के प्रति कठोर दंड है। नाबालिग से रेप पर मौत की सजा होगी। राजद्रोह को जड़ से समाप्त किया है। अंग्रेजों के बनाए कानून निरस्त हुए है।
हमने राजद्रोह की जगह देशद्रोह किया है
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने बयान में आगे कहा कि, हमने राजद्रोह की जगह देशद्रोह किया है। मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त प्रावधान है। कानूनों से कई समूहों को फायदा होगा। अब दंड की जगह न्याय है। ये भारत की संसद के बनाए कानून हैं। शाह ने आगे कहा कि, 75 साल बाद कानूनों पर विचार हुआ।
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