New Liquor Policy: अगर आप शराब पीने के शौकीन हैं तो यह आपके लिए बहुत ही रोमांचक खबर है। क्योंकि हिमाचल प्रदेश में जाम छलकाने के लिए अब जेबों को और खोलने की जरूरत पड़ेगी। जी हां, नए वित्त वर्ष से शराब और बीयर की बोतलें और महंगी हो जाएंगी। उपभोक्ताओं को अब प्रत्येक बोतल पर 17 रुपये का सेस देना होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने शराब और बीयर की बोतल का टैक्स 17 रुपये बढ़ाने का फैसला किया है।
पहले प्रति बोतल 7 रुपये का सेस चुकाना पड़ता था
हिमाचल प्रदेश में पहले प्रति बोतल 7 रुपये का सेस चुकाना पड़ता था। इस बार सुक्कू सरकार ने मिल्क सेस के नाम पर 10 रुपये अतिरिक्त सेस (New Liquor Policy) लगा दिया है। कर एवं आबकारी विभाग ने इस बाबत नीति को अधिसूचित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंग्रेजी व देसी शराब, बीयर, वाइन और विदेशी शराब पर मिल्क सेस लगाया गया है। इसके अलावा गोधन विकास निधि के लिए प्रति बोतल 2.50 रुपये सेस लगेगा। प्रदेश में कोरोना संकट के समय सरकार ने इस सेस का नाम बदलकर कोविड सेस कर दिया था।
नौ करोड़ बोतलों की है सालाना खपत (New Liquor Policy)
हिमाचल प्रदेश में हर साल 1 हजार 829 करोड़ रुपये की शराब बिकती है। हिमाचल प्रदेश में शराब की सालाना खपत नौ करोड़ बोतलों की है। हिमाचल प्रदेश में हर महीने 75 लाख और हर दिन ढाई लाख बोतल शराब बिक्री होती है। करीब 70 लाख की आबादी वाले हिमाचल प्रदेश में शराब पीने वालों की अनुमानित संख्या 15 लाख के आसपास की है। शराब पीने का आदी एक इंसान महीने भर में लगभग पांच बोतल शराब पीता है। वहीं हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने शराब की बिक्री से हर साल 2 हजार 400 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य रखा है।
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