मध्य प्रदेश में संचालित लाडली बहना योजना ने लाखों महिलाओं के जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास का संचार किया है। नियमित आर्थिक सहायता से न केवल घरेलू जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि महिलाओं की सामाजिक स्थिति भी मजबूत हुई है। यह योजना अब केवल सहायता तक सीमित न रहकर आजीविका के नए अवसर सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
गौपालन योजना से जुड़ेगा लाडली बहना अभियान
राज्य सरकार अब लाडली बहनों को गौपालन योजना से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में स्थायी बढ़ोतरी करना है। प्रस्ताव के अनुसार पात्र महिलाओं को गाय खरीदने के लिए 1-1 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जिससे वे दुग्ध व्यवसाय शुरू कर सकेंगी।
सवा करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने की है तैयारी
जानकारी के अनुसार प्रदेश की लगभग सवा करोड़ लाडली बहनों को इस योजना से जोड़ा जा सकता है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी पहल मानी जाएगी। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को इससे सीधा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
अनुदान व्यवस्था: वर्ग के अनुसार सहायता
पशुपालन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे प्रारूप के तहत गाय अनुदान पर उपलब्ध कराई जाएगी। एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को 33 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रस्ताव है, जबकि सामान्य और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को 25 प्रतिशत अनुदान मिल सकता है। यह व्यवस्था सामाजिक संतुलन और समावेशी विकास को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।
दूध उत्पादन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इस योजना से केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। दूध उत्पादन में वृद्धि से प्रदेश की दुग्ध आवश्यकताएं पूरी होंगी और पशुपालन क्षेत्र को नया विस्तार मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
आगामी बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान
संभावना जताई जा रही है कि लाडली बहना गौपालन योजना की औपचारिक घोषणा आगामी राज्य बजट में की जा सकती है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह लाडली बहनों के लिए किस्मत बदलने वाली साबित हो सकती है और महिला आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय लिखेगी।
Comments (0)