उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हुए एक साल पूरे होने जा रहे हैं। 27 जनवरी को यूसीसी के लागू होने की पहली वर्षगांठ होगी। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी से जुड़े ताजा आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें विवाह पंजीकरण और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर अहम जानकारी सामने आई है।
4 लाख 74 हजार 447 शादियों का हुआ पंजीकरण
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यूसीसी लागू होने के बाद से राज्य में अब तक 4 लाख 74 हजार 447 शादियों का पंजीकरण किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया काफी आसान और ऑनलाइन हो गई है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
औसतन 1400 शादियों प्रतिदिन हुईं
पुराने कानून के तहत शादी का पंजीकरण पूरी तरह ऑफलाइन होता था और प्रतिदिन औसतन केवल 67 शादियों का रजिस्ट्रेशन हो पाता था। वहीं यूसीसी लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर औसतन 1400 शादियों प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
316 लोगों ने ऑनलाइन तलाक प्रमाणपत्र भी प्राप्त किए
इसके अलावा, यूसीसी लागू होने के बाद से 316 लोगों ने ऑनलाइन तलाक प्रमाणपत्र भी प्राप्त किए हैं। सरकार के अनुसार, विवाह पंजीकरण के आवेदन औसतन पांच दिन के भीतर जारी कर दिए जा रहे हैं, जबकि इसके लिए अधिकतम समय सीमा 15 दिन तय की गई है।
68 लोगों ने लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन कराया
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी आंकड़े सामने आए हैं। राज्य में अब तक 68 लोगों ने लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि दो लोगों ने लिव-इन रिलेशनशिप समाप्त करने का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है। उत्तराखंड सरकार का दावा है कि यूसीसी लागू होने से पारदर्शिता बढ़ी है और नागरिकों को कानूनी प्रक्रियाओं में सहूलियत मिली है।
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