वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026 के दौरान दावोस स्थित मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में मध्यप्रदेश शासन और इज़राइल इनोवेशन अथॉरिटी (IIA) के बीच तकनीक और नवाचार सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में IIA के चेयरमैन डॉ. एलन स्टोपेल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने विस्तृत विचार-विमर्श किया।
तकनीक-आधारित विकास और नवाचार पर चर्चा
बैठक का मुख्य उद्देश्य तकनीक आधारित आर्थिक विकास को गति देना और नवाचार के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं का मूल्यांकन करना था। डॉ. स्टोपेल ने इज़राइल के नवाचार-आधारित विकास मॉडल के बारे में जानकारी दी, जिसमें क्वांटम तकनीक, एडटेक, रक्षा प्रौद्योगिकी और जल समाधान जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों की क्षमताओं पर विशेष जोर था। उन्होंने बताया कि इज़राइल का सशक्त R&D पारिस्थितिकी तंत्र निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी और सह-निवेश मॉडल पर आधारित है, जो सार्वजनिक सहयोग को व्यावसायिक व्यवहार्यता से जोड़ता है।
मध्यप्रदेश में नवाचार और पायलट परियोजनाओं की योजना
प्रधान सचिव राघवेंद्र सिंह ने मध्यप्रदेश में सिविल टेक्नोलॉजी, सरकार-से-सरकार (G2G) सहयोग, पायलट परियोजनाओं और स्टार्टअप आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करने की राज्य की योजना साझा की। उन्होंने भारत–इज़राइल सहयोग के मौजूदा ढाँचों के तहत संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेशन और सह-निवेश तंत्र के माध्यम से निवेश और औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठक में यह भी सहमति बनी कि मध्यप्रदेश और इज़राइल के बीच प्रौद्योगिकी पायलट, नवाचार साझेदारी और संस्थागत संपर्कों को मजबूत करने के लिए औपचारिक सहयोग ढांचे की रूपरेखा पर काम किया जाएगा।
आगे की कार्ययोजना
दोनों पक्षों ने प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान, पायलट परियोजनाओं के अवसर और उपयुक्त संस्थागत तंत्र विकसित करने के लिए संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इसका उद्देश्य भारत–इज़राइल नवाचार सहयोग को नई दिशा देना और मध्यप्रदेश को एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करना है। यह बैठक मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन और तकनीक आधारित सतत प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
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