रामचरितमानस (Ramcharitmanas) को लेकर बवाल थमने का नाम ही नहीं ले करा है। बिहार से शुरू हुआ ये विवाद अब यूपी की राजनीति में अपने पैर पसार रहा हैं। इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी से रामचरितमानस (Ramcharitmanas) की चौपाइयों को समझाने की मांग की है।
Ramcharitmanas से किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है
उन्होंने कहा कि, अगर उन्हें समझा दिया जाए, तो वे सवाल पूछना बंद कर देंगे। अखिलेश ने यह भी कहा कि, उन्हें रामचरितमानस से किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है, लेकिन जो गलत है वो गलत है। उन्होंने कहा, बीजेपी धार्मिक वैज्ञानिक हैं और सब कुछ जानते हैं, इस कारण उन्हें हमें समझाना चाहिए।
सीएम को उनका जवाब देना चाहिए
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि, मैं हर दिन सुबह कम से कम एक घंटे भजन सुनता हूं। समाजवादी भगवान विष्णु के सभी अवतारों को मानते हैं, लेकिन अगर विपक्ष कुछ सवाल उठा रहा है, तो सीएम को उनका जवाब देना चाहिए। अखिलेश ने कर्ण (महाभारत के एक योद्धा) के बारे में भी बात की, जो एक शूद्र परिवार में पले-बढ़े थे। शूद्र होने के कारण उन्हें भी अपमान का सामना करना पड़ा और जिन लोगों ने समाज को जातियों में बांटा वे जातिगत जनगणना नहीं चाहते हैं।
जाति व्यवस्था 5,000 साल पुरानी समस्या है
सपा प्रमुख यहीं नहीं रुके आगे कहा कि, जाति व्यवस्था 5,000 साल पुरानी समस्या है, यह एक दिन में दूर नहीं होगी। आप यदि महाभारत पढ़ते हैं, तो आपको मालूम चलेगा कि, कर्ण को क्या-क्या सहना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि, समाजवादियों ने कभी किसी का अपमान नहीं किया। हम सभी शास्त्रों का सम्मान करते हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिया था विवादित बयान
आपको बता दें कि, सपा के सीनियर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने पिछले महीने एक बयान देकर रामचरितमानस पर एक विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था कि, कवि-संत तुलसीदास ने महाकाव्य के कुछ छंदों में पिछड़ों, दलितों और महिलाओं के लिए अपमानजनक संदर्भों का इस्तेमाल किया था।
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