उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को मंगलवार को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। टनल से बाहर निकालने के बाद AIIMS ऋषिकेश में सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाले जाने पर अपनी खुशी जताई। उन्होंने इसे देवभूमि उत्तराखंड की दैवीय शक्ति करार दिया। तीरथ सिंह ने कहा कि, 17 दिनों तक टनल में फंसे रहने के बाद भी किसी को चोट नहीं लगी और सभी सुरक्षित हैं, यह देवभूमि में निवासरत देवी-देवताओं का ही आशीर्वाद है।
मजदूरों का बाहर सुरक्षित निकलना देवभूमि की कृपा है
बीजेपी नेता तीरथ सिंह रावत ने अपने इस बयान में आगे कहा कि, विभिन्न एजेंसियों द्वारा रेस्क्यू का जो कार्य किया गया, वह सराहनीय है। सांसद ने कहा कि, पीएम मोदी लगातार रेस्क्यू की मॉनिटरिंग में लगे हुए थे। मजदूरों का बाहर सुरक्षित निकलना माता रानी की और देवभूमि की कृपा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि, जब मजदूर सुरंग से बाहर निकल रहे थे, तो सभी के चेहरे पर एक अलग मुस्कान थी। यह सब मां की कृपा है। देवभूमि में इस तरह का हादसा हुआ लेकिन कोई आहत नहीं हुआ, यह सब दैवीय कृपा है।
ईष्ट देवों के कारण ही संभव हो पाया है
उत्तराखंड के पूर्व सीएम रावत ने आगे कहा कि, जब आधुनिक मशीनें फेल हो गईं, तब अंत में मजदूर ही काम आए। उनके हाथ, हथौड़ा और बेल्चा ही जिंदगी को बचाने को रास्ता बने। बीजेपी सांसद ने कहा कि, यह सब देवभूमि में निवास करने वाले ईष्ट देवों के कारण ही संभव हो पाया है। तीरथ सिंह रावत ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पीएम मोदी की दृढ़ इच्छा शक्ति का भी आभार व्यक्त किया।
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