मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर देश का विकास करना है तो गांवों को विकसित करें, देश अपने आप आगे बढ़ता चला जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं। राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु-कुटीर उद्योग सहित सभी विभागों की योजनाओं का लाभ पंचायत हितग्राहियों को मिलेगा। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भेल दशहरा मैदान पर आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की हैं धुरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं। वे सरकारी नीति-निर्णयों और योजनाओं को क्रियान्वित कर धरातल पर उतारते हैं। राज्य सरकार, पंचायत, पंचायत सचिव और पंच परमेश्वर के सहयोग से जनकल्याण के साथ विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रही है। हम रामराज की कल्पना करें तो पंचायत सचिव एक प्रकार से पंचायती राज में हनुमान जी की भूमिका में काम करते हैं। प्रधानमंत्री आवास हो या आर्थिक सहायता का लाभ, सभी जनकल्याणकारी कार्य पंचायत सचिव ही पूर्ण कराते हैं। वे ग्रामीण परिवारों के लिए एक सदस्य के नाते संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं। ऐसे में पंचायत सचिवों की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है। पंचायत सचिवों के लिए जिला स्तर पर कैडर का गठन करने के साथ उन्हें डिजिटल भारत के निर्माण के लिए सभी तरह के तकनीकी संसाधनों से लैस किया जा रहा है।
सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत को सम्मान, संसाधन और आधुनिकता देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। पंचायत के लिए सुसज्जित कार्यालय अटल भवन सामुदायिक भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से केवल कौशल नहीं अपितु प्रशासकीय व्यवस्था की संस्कृति को बदलने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और वाहन भक्तों में वृद्धि की है। इसके साथ ही सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया गया है।
पंचायत सचिवों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पंचायत सचिवों के सेवाकाल की आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है। उनके लिए 7वें वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं। पंचायत सचिवों को विशेष भत्ते का भी लाभ दिया जाएगा। सेवाकाल में पंचायत सचिव की मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर विचार किया जाएगा।
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