डांस इंडस्ट्री की मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका डांस नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी पर बेबाक बयान है। 'गीता मां' के नाम से पहचानी जाने वाली गीता कपूर ने उन धारणाओं पर सवाल उठाया है, जिनके तहत लोग यह मान लेते हैं कि किसी महिला की उम्र, पहचान या इमेज उसकी व्यक्तिगत इच्छाओं और भावनाओं को सीमित कर देती है।
मैं कोई नन नहीं हूं और न ही कुंवारी
मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि, सिर्फ इसलिए कि लोग मुझे 'गीता मां' कहते हैं, यह मान लेना गलत है कि मेरी कोई पर्सनल लाइफ नहीं हो सकती। अपने बयान में उन्होंने आगे कहा कि, मैं कोई नन नहीं हूं और न ही कुंवारी। मैं एक सामान्य इंसान की तरह जीवन जीती हूं, लोगों से मिलती हूं, डेट करती हूं और अपनी भावनाओं को समझती हूं।
हर इंसान को अपनी जरूरतों को पूरा करने का हक है
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि समाज अक्सर महिलाओं से अपेक्षा करता है कि वे एक तय फ्रेम में रहें, खासकर जब उन्हें सम्मानजनक उपाधि दी जाती है। मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर ने कहा लेकिन हकीकत यह है कि हर इंसान की अपनी ज़ज्बात, इच्छाएं और जरूरतें होती हैं, और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
मेरा उद्देश्य कोई विवाद खड़ा करना नहीं था
गीता ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कोई विवाद खड़ा करना नहीं था। उनका कहना है कि वह सिर्फ यह सवाल उठाना चाहती थीं कि लोग क्यों मान लेते हैं कि कोई महिला कुछ चीजें नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि, जो बातें आम लोगों के लिए सामान्य हैं, वही किसी पब्लिक फिगर के लिए अचानक 'टैबू' बन जाती हैं।
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