रतन टाटा का जाना देश के लिए एक बड़ी क्षति -
रतन टाटा ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए यहां भर्ती कराया गया था, जहां 86 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. इस खबर से बिजनेस जगत समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई. रतन टाटा ऐसी शख्सियत थे, जिनके जैसा बन पाना हर किसी के बस की बात नहीं. बिजनेस सेक्टर में बड़ा नाम होने के साथ ही उनकी पहचान एक दरियादिल इंसान की भी थी, जिसके कई उदाहरण मौजूद हैं.रतन टाटा ने अपने जीवन में कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो आजतक कोई नहीं कर सका. इसके अलावा सुनामी या कोरोना जैसी देश पर जब भी कोई मुसीबत आई, तो वे सबसे आगे नजर आए. ऐसी बिजनेस पर्सनैलिटी का दुनिया से चले जाना एक बड़ी क्षति है. यहां बता दें कि बुधवार को उनके निधन की खबर आने से पहले बीते सोमवार को भी रतन टाटा की तबीयत बिगड़ने की खबर सुर्खियों में थी, लेकिन इन्हें सिरे से खारिज करते हुए रतन टाटा ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से कहा था कि मेरे लिए चिंता करने के लिए सभी का धन्यवाद! मैं बिल्कुल ठीक हूं. चिंता की कोई बात नहीं है और मैं उम्र से जुड़ी बीमारियों की जांच के लिए अस्पताल आया थे. साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की थी कि "गलत सूचना फैलाने" से बचें.
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